कुतुब मीनार में पहुंचने वाले देशी और विदेशी पर्यटको की संख्या की गणना की गई, तो यहां भी फरवरी की तुलना में मार्च के पहले सप्ताह में करीब 10 हजार पर्यटक कम आए। कुतुब मीनार में भी प्रतिदिन करीब 10-12 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि एएसआई ने इस बीच पहुंचे विदेशी पर्यटकों की सटीक जानकारी नहीं दी।
कुतुब मीनार में भारतीयों के लिए 35 रुपये का टिकट है जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट की राशि 550 रुपये है। जिसके हिसाब से फरवरी की तुलना में मार्च के पहले सप्ताह में एएसआई को सिर्फ भारतीय पर्यटकों की कमी से साढ़े तीन लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
हुमायूं का मकबरा
यहां पर प्रतिदिन पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या करीब पांच से सात हजार है। लेकिन फरवरी और मार्च के पहले सप्ताह में यहां पहुंचे भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में करीब छः हजार की गिरावट आई है। यहां भारतीय पर्यटकों के लिए 35 तो वहीं विदेशी पर्यटकों के लिए 550 रुपये का टिकट है। यहां पर आने वाले भारतीय पर्यटकों के आधार पर भी अगर कुल नुकसान का आकलन किया जाए, तो एएसआई को लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
ताजमहल
सबसे अधिक विदेशी पर्यटक ताजमहल का दीदार करने आते हैं। यहां पर प्रतिदिन 20-25 हजार पर्यटक घूमने आते हैं। फरवरी की तुलना में मार्च के पहले सप्ताह में ताज महल देखने के लिए करीब 15 हजार पर्यटकों की सख्यां में कमी आई है। फरवरी में पहले सप्ताह में ताज देखने के लिए एक लाख 10 हजार पर्यटक पहुंचे, जबकि मार्च के पहले सप्ताह में करीब 95 हजार पर्यटक पहुंचे।
ताजमहल का दीदार करने के लिए भारतीय पर्यटकों के लिए 245 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 1250 रुपये का टिकट है। सिर्फ भारतीय पर्यटकों के हिसाब से एएसआई को एक सप्ताह में 36 लाख 75 हजार रुपये का नुकसान हुआ। अगर इन पर्यटकों में आधे भारतीय और आधे विदेशी पर्यटकों के नुकसान को देखा जाए, तो एक सप्ताह में एएसआई को करीब एक करोड़ 12 लाख 12 हजार 500 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।