हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार मुख्य 13 अखाड़ों में से एक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद आगामी अक्तूबर महीने में अपने सदस्यों के लिए आचरण और व्यवहार विषय पर आधारित एक बैठक करने वाला है। इस बैठक का आयोजन उस समय किया जा रहा है जब एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोप में 73 वर्षीय भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में चिन्मयानंद मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, साथ ही महा निर्वानी अखाड़ा के महामंदलेश्वर भी हैं। 10 अक्तूबर को आयोजित होने वाले इस बैठक के बारे में बात करते हुए पंचायती अखाड़ा निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि आयोजन के दौरान हिंदू महंतों और संतों पर लगाए गए गंभीर आरोपों की समीक्षा की जाएगी और इस बात पर भी ध्यान दिया जाएगा कि उनमें से कितने आरोप सही साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हम अपने मठों में महिला और पुरुष भक्तों को साथ रखते हैं। ऐसे में इस बैठक के दौरान हम अपने सदस्यों से व्यवहार कुशल होने को कहेंगे, क्योंकि चिन्मयानंद जैसे मामलों से लोगों का हिंदू संतों पर से विश्वास उठता है। यह हमारे समाज के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे अखाड़ा के सदस्य योगी आदित्यनाथ जैसे बनें। वो मुख्यमंत्री होने के बावजूद अपने महंत के कर्मों को पूरी तरह निभा रहे हैं।