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कोविड अस्पताल के रूप में शुरू नहीं हो सका हिंदूराव अस्पताल, व्यवस्थाएं अधूरी

Wed, 17 Jun 2020 06:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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हिंदू राव अस्पताल - फोटो : एएनआई
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उतरी दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े हिंदूराव अस्पताल में मंगलवार से कोविड मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो सका। वजह है स्वास्थ्यकर्मियों का रोस्टर जारी नहीं होना और पीपीई सूट बदलने के लिए कमरे की उपलब्धता न होना। 

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दरअसल, 16 जून से हिंदूराव अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में कार्य करना था, लेकिन अधूरी तैयारी की वजह से यह पूरा नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के अभी सभी मरीजों को कस्तूरबा, गिरधारी लाल और राजन बाबू टीबी अस्पताल में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। 

इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अस्पताल डॉक्टरों को 12 घंटे ड्यूटी के लिए कह रहा है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इतनी गर्मी में 12 घंटे पीपीई सूट पहनकर काम करना बहुत मुश्किल होगा। 
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वहीं, अब तक यह जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है कि ड्यूटी करने के बाद डॉक्टरों के रुकने के लिए कहां व्यवस्था होगी। गौरतलब है कि हिंदूराव अस्पताल 943 बेड के साथ उतरी दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा अस्पताल है। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने गत दिनों हिंदूराव अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में घोषित किया था। 

इससे पहले लोकनायक अस्पताल में दो हजार और जीटीबी अस्पताल में 1500 बिस्तर के साथ सरकार ने उन्हें कोविड अस्पताल घोषित कर चुकी है। फिलहाल, हिंदूराव अस्पताल में करीब 209 मरीज भर्ती हैं जिन्हें निगम के विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाना है।  
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हमारे पास संसाधनों की कमी है इसलिए हम अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहे हैं। अस्पताल को इसके लिए करीब एक सप्ताह का समय और लग सकता है।  
-अवतार सिंह, महापौर, उतरी दिल्ली नगर निगम

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