भोजपुर थाना क्षेत्र के पट्टी जहांगीरपुर मार्ग स्थित जंगल में गन्नें के खेत के पास रविवार शाम गोवंशों के अवशेष मिलने से लोगों में आक्रोश भड़क गया। विरोध में हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल व गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जोरदार हंगामा किया। आक्रोशित भीड़ ने गोकशों के एनकाउंटर की मांग को लेकर हापुड़-मोदीनगर मार्ग पर गोवशों के अवशेष रखकर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा होता रहा और लगभग 40 मिनट तक जाम लगा रहा है।
गांव जहांगीरपुर के ग्रामीण रविवार अपरहान जंगल की तरफ गए तो वहां गन्ने खेत के पास गोवंशों के अवशेष पड़े दिखे। देखते ही देखते करीब पांच गोवंशों के सिर पैर आदि बरामद हुए। इसकी जानकारी से ग्रामीणों में रोष पैदा हो गया। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और हंगामा करने लगी। सूचना के बाद हिन्दू युवा वाहिनी के निवर्तमान जिला महामंत्री नीरज शर्मा, हिंदू जागरण मंच से पकंज कंसल, बजरंग दल से मधुर नेहरा और गोरक्षा दल से सौरभ शास्त्री आदि सहित कई बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए और अवशेषों को एकत्र कर सड़क पर रखकर हंगामा करना शुरु कर दिया। सूचना के बाद डीसीपी ग्रामीण जोन सुरेन्द्रनाथ तिवारी, कार्यवाहक एसीपी श्वेता यादव, भोजपुर, निवाड़ी और मोदीनगर व मुरादनगर आदि थानों पुलिस मौके पर पहुंच गई।
गोकशी की घटना से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पुलिस आक्रोशित भीड़ को समझाने का प्रयास करती रही, मगर भीड़ गोकशों के एंकाउंटर की मांग पर अड़ी रही। भीड़ पशु अवशेष एकत्रित कर जाम लगाने के हापुड़ मार्ग की तरफ चल दी। पुलिस ने खूब मिन्नत की लेेकिन भीड़ नहीं मानी और हापुड़ मार्ग पर गोवंशों के अवशेष रखकर मछरी कट के सामने जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि भोजपुर क्षेत्र गोकशी का केंद्र बन गया है। यहां लगातार गोकशी की घटनाएं हो रही है। दो महीने में गोकशी की पांच से अधिक घटनाएं हो चुकी है। पुलिस फर्जी एंकांउटर कर झूठे केस खोल रही है। इससे गोकशों का दुस्साहस बढ़ गया है और वह बेखौफ होकर ताबड़तोड़ गोेकशी कर रहें है। पुलिस आक्रोशित भीड़ के सामने बेबस नजर आई। करीब 40 मिनट तक जाम लगा रहा। जाम के कारण हापुड़ मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। डीसीपी ग्रामीण जोन ने किसी तरह कार्रवाई का आश्वासन देकर भीड़ को शांत कराया। पुलिस ने गोवंशों के अवशेष गड्ढे में दबवाए।
गोकशों के एंकांउटर के दो दिन बाद ही बरामद हुए गोवंशों के अवशेष
भोजपुर थाना क्षेत्र में आए दिन गोकशी की घटनाएं हो रही है। अभी बीती तीन जनवरी को अमराला गांव के जंगल में गोकशी हुई थी। पुलिस ने दो दिन पूर्व एंकांउटर के दौरान पैर में गोली मारकर दो गोकशों को पकड़कर अमराला में हुई गोकशी के खुलासे का दावा किया था। मगर एनकांउटर के दो दिन बाद ही क्षेत्र में गोवंशों के अवशेष बरामद होने से पुलिस की कार्रवाई पर साल उठ रहें है।
प्रशिक्षु पीपीएस के पास है थाने का चार्ज
भोजपुर थाना की कमान ज्यादातर प्रशिक्षु अधिकारियों के पास रहती है। यहां अधिकांश प्रशिक्षु आईपीएस और पीपीएस चार्ज पर रहते है। वर्तमान में भी भोजपुर थाने का चार्ज प्रशिक्षु पीपीएस अंबुज यादव के पास है। इसके बावजूद क्षेत्र में ताबड़तोड़ वारदात हो रही है। 12 दिन में यह तीसरी बड़ी घटना है। बीते 31 दिसंबर को बदमाशों ने हलका प्रभारी उपनिरीक्षक शीलचंद की पिटाई कर उनसे मोबाइल लूट लिया था। इसके अलावा बीती 3 जनवरी को भोजपुर थाना क्षेत्र से कुछ दूर गोकशी हुई और अब एक बार फिर आज गोवंशों के अवशेष बरामद हुए।
कार्रवाई के बजाए सीमा विवाद में उलझी पुलिस
घटनास्थल दो थानों की सीमा का विवाद बन गया। मोदीनगर और भोजपुर पुलिस घटनास्थल को एक दूसरे के क्षेत्र में बताने लगी। पुलिस कभी मोदीनगर के गांव तिबड़ा और खंजरपुर का जगंल मनाती तो कभी भोजपुर के पट्टी जहांगीरपुर का। छानबीन के बाद घटनास्थल भोजपुर क्षेत्र का माना गया।
भोजपुर क्षेत्र की गोकशी की कुछ प्रमुख घटनाएं
1. 12 जनवरी को जहांगरीपुर- पट्टी मार्ग पर जंगल में गोवंशों के अवशेष मिले
2. 3 जनवरी को अमराला गांव में गोकशी
3. 29 सितंबर को गांव मुकीमपुर में गोकशी
4. 20 अक्तूबर को कस्बा फरीदनगर में गोकशी
डीसीपी ग्रामीण जोन सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि भोजपुर थाना क्षेत्र के जंगल में अवशेष बरामद हुए है। अवशेष का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। अज्ञात के खिलाफ के गोकशी की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।