फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदू एक मजहब नहीं, जीवन पद्धति है: वेंकैया नायडू

Sat, 24 Nov 2018 11:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
एम वेंकैया नायडू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिंदू एक मजहब नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है। हिंदू पद्धति ही विश्व को प्रकृति और विकृति के अलावा संस्कृति का अर्थ सिखाती है। जो हमें सभी को साथ लेकर चलना, रहना और सबको खुश रखना सिखाती है। विश्व में शांति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय संस्कृति की विश्वभर में अपनी अलग पहचान है। राष्ट्र निर्माण और इंटरनेशनल गुडविल सोसाइटी ऑफ इंडिया गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा चिन्मय मिशन को डॉ. नागेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से सम्मानित करते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने ये शब्द कहे।

विज्ञापन


विज्ञान भवन में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब कोई रोटी खाता है तो वह प्रकृति है, जब कोई किसी दूसरे की रोटी छीनकर खाता है तो वह विकृति है और जो अपनी रोटी दूसरों के साथ बांटकर खाता है, वह संस्कृति है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जिसकी संस्कृति हमें दूसरे देशों से अलग करती है। इसी वजह से हिंदू एक जीवन पद्धति है, ना कि हिंदू मजहब, चूंकि मजहब एक पूजा पद्धति है। डॉ. नागेंद्र सिंह एकमात्र ऐसे भारतीय थे, जो 1985 से 1988 तक अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत एक भारतीय वकील और प्रशासक थे। मुझे चिन्मय मिशन को डॉ. नागेंद्र सिंह पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर खुशी हो रही है। 

राष्ट्र निर्माण संस्था के अध्यक्ष विजय जिंदल ने कहा कि उन्होंने समाज सेवा के लिए राष्ट्र निर्माण संस्था की नींव रखी। सबसे पहले उन्होंने राष्ट्र निर्माण के जरिये गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए कार्यक्रम चलाया, जिसकी सफलता के बाद सरकार ने अपना एक कार्यक्रम बनाया। आज लोगों द्वारा सब्सिडी छोड़ने से गरीबों को लाभ मिल रहा है।  
विज्ञापन


इंटरनेशनल गुडविल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र नारायण ने चिन्मय मिशन को डॉ. नागेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विश्व में आध्यात्मिकता और शांति फैलाने के लिए चिन्मय मिशन काम कर रहा है। 

वहीं, चिन्मय मिशन के स्वामी प्रकाशानंद ने कहा कि चिन्मय मिशन गीता के वेदों के महत्व को फैलाने के लिए प्रयासरत है। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, संसदीय मामले एवं जल संसाधन राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और आईजीएसआई के दिल्ली अध्यक्ष राम मेहरोत्रा समेत अन्य अतिथिगण मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें