दोपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाएं
पैदल चलने वालों के बाद सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों के दूसरे स्थान पर दोपहिया वाहन सवारों का है। दिल्ली में पंजीकृत दोपहिया वाहनों की संख्या को देखते हुए, इन सवारों के लिए एक सुरक्षित डिजाइन प्रणाली सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है। वर्ष 2021 में 1868 दोपहिया वाहन सवार घायल हुए और 472 की दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई। 2022 में, दोपहिया वाहनों की 2288 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 539 घातक दुर्घटनाएं और 1743 साधारण दुर्घटनाएं शामिल थीं, 2263 लोग घायल हुए, और 552 लोगों ने अपनी जान गंवाई। वर्ष 2023 के लिए घातक दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चलता है कि 1457 कुल मौतों में से 549 दोपहिया वाहन सवार की मृत्यु की सूचना दी गई, जो कुल मौतों का 38% है।
दिल्ली में लोगों को नहीं है हेलमेट पहनने की आदत
मद चालान
बिना हेलमेट 198164
अवैध पार्किंग 152094
स्टॉप लाइन क्रॉसिंग 118998
बिना लाइसेंस 51157
दूसरी सवारी बिना हेलमेट 49711
त्रिपल राइडिंग 26202
रेट लाइट जंप 16029
ड्रंकन ड्राइविंग 9997
मोबाइल पर बात करने का 6275
गलत दिशा से ओवरटेकिंग 7
सड़क दुर्घटनाओं के कारण
-घनी आबादी वाले इलाके में स्पीड से वाहन चलाना।
-सड़कों का चौड़ीकरण होने से अधिक यातायात और वाहन चालकों की ओवर-स्पीडिंग
-मोटर वाहन पंजीकरण, विशेष रूप से दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या भी है कारण।
सड़क दुर्घटनाओं के कारक
सड़क यातायात दुर्घटनाएं मुख्य रूप से कई कारकों से होती है जैसे कि योजना और इंजीनियरिंग, खराब सड़क संरचना, कोई सड़क मध्य अवरोधक न होना, सड़क पर गड्ढा, संकीर्ण सड़कें, तीव्र मोड़, सड़क की खराब स्थिति, खराब वाहन, वाहन चालकों की गलती, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग आदि।
ऐसे रोकी जा सकती हैं दुर्घटनाएं
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर नए सड़क मार्ग की संरचना में फुटपाथ को शामिल करना आवश्यक है।
- सड़क पार करने के लिए ऊपरी पैदल पथ, अच्छी तरह से रोशनी वाले भूमिगत पैदल पार पथ का हो निर्माण।
- साइकिल चालकों के लिए सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर समर्पित साइकिल लेन का निर्माण कराना।
- संरक्षित चौराहों की स्थापना, साइकिल के लिए निर्दिष्ट पार्किंग स्थान आदि सुनिश्चित किया जा सकता है।
- पंजीकृत दोपहिया वाहनों की संख्या को देखते हुए एक सुरक्षित संरचना प्रणाली को लागू करना सर्वोपरी है।
- दोपहिया सुरक्षा को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
- गति सीमा का पालन, लाल बत्ती नियमों का पालन, लेन परिवर्तन नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना।
- मोड़ के लिए सिग्नल, हेडलाइट/टेल लाइट और रिफ्लेक्टर का उचित उपयोग सुनिश्चित कराना।