उच्च शिक्षा में युवाओं की संख्या बढ़ाने के लिए अब हिंदी व अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी पढ़ाई का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार स्कूली शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले 60 लाख युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए पांच हजार लर्नर स्पोर्ट सेंटर खोलेगी। योजना में इग्नू राज्यों की स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी का सहयोग करेगी। खास बात यह है कि 16 लाख एससी/एसटी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए 8 हजार हॉस्टल बनेंगे। उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर में भी यह योजनाएं लागू होंगी।
सरकार उच्च शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार से जोड़ना या अपना कामकाज शुरू कराना है। इसलिए पिछड़े इलाकों के 500 मॉडल डिग्री कॉलेजों को वोकेशनल डिग्री कॉलेज में तब्दील किया जाएगा। इन कॉलेजों में बैचलर ऑफ वोकेशनल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई होगी। इसके अलावा मूक स्वयं प्लेटफार्म पर तीन हजार वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे।
16 लाख एससी/एसटी युवाओं के लिए पिछड़े इलाकों के कॉलेज मॉडल डिग्री कॉलेज में बदल जाएंगे। नए कॉलेज भी खोले जाएंगे। यहां पर आरक्षित वर्ग के पिछड़े इलाकों के विद्यार्थियों की 50 फीसदी फीस माफ होगी। इन्हें आगे बढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स चलेंगे। पहले वर्ष में मैथमेटिक्स व सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग पर जोर रहेगा।