गुलाबी बाग, बहापुर और कल्याणवास में बहुमंजिला आवासीय इमारतें बनेंगी, 10 फीसदी फ्लैट व्यावसायिक उपयोग के लिए होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में सरकारी अधिकारियों के लिए बनी पुरानी आवासीय कॉलोनियों का नए सिरे से विकास किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) गुलाबी बाग, बहापुर और कल्याणवास की मौजूदा कॉलोनियों को तोड़कर उनकी जगह हाईराइज टावर बनाएगा।
इन परियोजनाओं को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इससे आधुनिक सुविधाओं वाले आवास उपलब्ध कराने के साथ जमीन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, तीनों कॉलोनियों की मौजूदा इमारतें खराब हालत में हैं। इनके पुनर्विकास के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परियोजनाओं की लागत निकालने के लिए विकसित फ्लैटों में से कम से कम 10 फीसदी का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल नए दिल्ली सचिवालय परिसर के विकास में भी किया जाएगा।
तीनों परियोजनाओं में बहापुर को प्राथमिकता दी गई है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से यहां लगभग 160 टाइप-5 और टाइप-6 श्रेणी के सरकारी आवास बनाए जाएंगे। इसका डिजाइन तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे व्यय वित्त समिति (ईएफसी) के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
102 एकड़ जमीन पर होगा विकास
गुलाबी बाग में करीब 70 एकड़ और कल्याणवास में 32 एकड़ जमीन पर पुनर्विकास होगा। यहां टाइप-2, टाइप-3 और टाइप-4 श्रेणी के आवास बनाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजनाएं जीपीआरए की तर्ज पर स्व-वित्तपोषित मॉडल से विकसित होंगी। टीओडी नीति के तहत मेट्रो और रेल कॉरिडोर के आसपास अधिक घनत्व वाले विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।