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Delhi: यमुना की सफाई पर पीएम मोदी का जोर, प्रधानमंत्री आवास पर हुई अहम बैठक, बनाई ये खास योजना

Thu, 17 Apr 2025 05:45 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर आज पीएम आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाई लेवल बैठक हुई। इस बैठक में यमुना की सफाई के मुद्दे पर चर्चा हुई। दिल्ली में यमुना की सफाई तीन लेयर में हो सकती है।
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक - फोटो : पीएमओ
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विस्तार
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दिल्ली में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर यमुना नदी की सफाई और पुनरुत्थान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए एक व्यापक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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बैठक में नदी की सफाई के लिए एजेंसीवार कार्य योजना की समीक्षा की गई। इस योजना में अल्पकालिक (3 महीने), मध्यम अवधि (3 महीने से 1.5 वर्ष) और दीर्घकालिक (1.5 से 3 वर्ष) गतिविधिया शामिल थीं। ड्रेन प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन, सेप्टेज और डेयरी अपशिष्ट प्रबंधन, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल उपचार अवसंरचना के अंतर की पहचान और निगरानी उपायों, यमुना नदी में प्रवाह सुधार, बाढ़ मैदान संरक्षण, हरे नदी तट विकास और जन जागरूकता के लिए विशिष्ट समय सीमा के साथ चर्चा की गई।

बैठक में दिल्ली की पेयजल प्रणाली के पुनर्वास की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया। ताकि रिसाव और गैर-राजस्व जल को कम किया जा सके। यह भी निर्णय लिया गया कि दिल्ली एक शहरी नदी प्रबंधन योजना तैयार करेगी, जो समग्र जल प्रबंधन के लिए होगी। इसे सिटी मास्टर प्लान के साथ एकीकृत किया जाएगा।
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बैठक के दौरान हरियाणा, दिल्ली और प्रयागराज के संगम तक की यमुना नदी के पूरे खंड पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री के समक्ष अपशिष्ट जल उपचार अवसंरचना की वर्तमान स्थिति और यमुना नदी की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रशासनिक मुद्दों को प्रस्तुत किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोग छठ पूजा का त्योहार मनाते समय बेहतर अनुभव करें। नदी के प्रति सम्मान विकसित करने और इसे नागरिकों और यमुना नदी नगरों में रहने वाले युवाओं के जीवन का हिस्सा बनाने के लिए एक जन भागीदारी आंदोलन की जरूरत पर जोर दिया गया। इसके साथ ही, ब्रज क्षेत्र के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध इलाके पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ब्रज यात्रा को नदी जन आंदोलन का हिस्सा बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि सर्वोत्तम उपलब्ध तकनीक का उपयोग करके ड्रेन में प्रवाह की माप और सीवेज उपचार संयंत्रों की क्रियाशीलता की निगरानी के लिए माइक्रो स्तर का रियल-टाइम डाटा एकत्र किया जाए। प्रदूषण नियंत्रण अवसंरचना की आगे की योजना और कार्यान्वयन इस डेटा के आधार पर होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने इस उद्देश्य के लिए अंतरिक्ष तकनीक के उपयोग का भी सुझाव दिया।

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