हाईकोर्ट ने रिज इलाके में 1.40 लाख पौधे लगाए जाने के मामले में दिल्ली सरकार को सलाह दी है कि वह पड़ोसी राज्यों से पराली व खर-पतवार मंगाकर उसे रिज इलाके के पौधों के नीचे बिछवा दे।
यह पत्थरों पर मिट्टी जमने में मदद करेगा और पराली जलाने से होनेवाली प्रदूषण हानि को कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाएगा। कोर्ट ने कहा कि रिज इलाका के पत्थरीला होने की वजह से वहां पौधे लगाने में दिक्कत होती है और पराली उसमें मदद करेगी।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी के समक्ष वन विभाग ने कहा कि रिज इलाका पत्थरीला है और वहां पौधा लगाना मुश्किल है, क्योंकि कई जगह पत्थर पर मिट्टी ही नहीं है। विभाग ने यह भी कहा था कि वहां ज्यादा संख्या में पौधे नहीं लगाए जा सकते।
कोर्ट ने कहा कि इस काम में आपको गेंहु या धान की पराली काम आएगी जिसे लोग फसल के बाद जला देते हैं। आप उसे ले लेंगे तो किसान उसे जला नहीं पाएगा और उससे प्रदूषण रोकने में भी मदद मिलेगी।
कोर्ट ने इसके अलावा पौधों की सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वे पौधों को सही ढंग से बांध दे जिससे वह गिरे नहीं। उसके प्रकार व संख्या का भी उल्लेख करे। कोर्ट ने यह भी कहा दिल्ली सरकार रिज इलाके में सिंचाई की समुचित व्यवस्था भी करे।