अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों के लिए उचित सुरक्षा की कमी को लेकर दिल्ली पुलिस और सरकारी अधिकारियों की आलोचना की, और कहा कि उनका रवैया गंभीर चिंताएं पैदा करता है। जिला कोर्ट के जजों के लिए पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) और उचित सुरक्षा व्यवस्था की माँग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए, कोर्ट ने कहा कि अधिकारी कोई अप्रिय घटना होने का इंतज़ार नहीं कर सकते, उन्हें उससे पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने देरी पर सवाल उठाया और पूछा कि स्पष्ट खतरों के बावजूद सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि चौबीसों घंटे सुरक्षा की माँग उचित लगती है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। बेंच ने अधिकारियों के जवाब पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की, और इसे असंवेदनशील बताया। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।