हाईकोर्ट ने जेएनयू के भाषा केंद्र में होने वाली नियुक्तियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह रोक उस याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई है जिसमें इन नियुक्तियों को नियमों के विरुद्ध बताया गया है। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने जेएनयू सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका जेएनयू की एक प्रोफेसर ने दायर की है।
हाईकोर्ट ने कहा कि भाषा केंद्र में संकाय सदस्यों की नियुक्ति के लिए चयन समिति की ओर से भेजी गई सिफारिशों पर कार्यकारी परिषद अगले आदेश तक कोई कार्यवाही नहीं करेगी। अगर कोई साक्षात्कार लिया जाता है तो वह इस याचिका के नतीजे पर निर्भर करेगा। हाईकोर्ट ने यह आदेश संकाय सदस्य प्रोफेसर आयशा किदवई की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
किदवई ने याचिका दायर कर नियमों की अवहेलना का आरोप लगाया है और नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इन नियुक्तियों के खिलाफ एक अन्य याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद भी प्रोफेसर, सह प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया।
जेएनूय को पता था कि अन्य याचिका पर 19 अगस्त को सुनवाई होनी है, इसके बाद भी आनन फानन में साक्षात्कार की तारीख तय कर दी गई। हाईकोर्ट ने इससे पहले पारसी भाषा के प्रोफेसर की भाषा केंद्र के चेयरपर्सन पद पर नियुक्ति संबंधी जेएनयू के आदेश को रद किया था। हाईकोर्ट ने भाषा केंद्र के ही सदस्य को चेयरपर्सन बनाने का निर्देश दिया था।'