फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट: जनपथ से पटरी वालों को हटाने पर रोक, NDMC के अधिकारी तलब

Wed, 22 Jun 2016 08:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
जनपथ मार्केट
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने जनपथ पर पटरी लगाकर जीविकोर्जन करने वाले दुकानदारों को राहत प्रदान कर दी है। अदालत ने अगले आदेश तक इन पटरी वालों को हटाने पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन


इतना ही नहीं अदालत ने दायर दो अवमानना याचिका पर नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) के चेयरमैन सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने एक मामले में चेयरमैन नरेश कुमार, सतर्कता विभाग निदेशक व अन्य को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह नोटिस याचिकाकर्ता मो. हयात व अन्य के अधिवक्ता कीर्ति उप्पल के तर्क सुनने के बाद जारी किए।

अगली सुनवाई 18 जुलाई

दिल्ली उच्च न्यायलय
अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आप तय कानून का उल्लंघन कैसे कर सकते हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई 18 जुलाई तय की है।

न्यायमूर्ति एके पाठक ने इसी प्रकार के अन्य मामले में उक्त अधिकारियों को नोटिस जारी कर 31 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इससे पूर्व अधिवक्ता उप्पल ने अदालत को बताया कि एनडीएमसी ने फरवरी माह में जनपथ पर पिछले काफी अरसे से जीविका अर्जित करने वाले पटरी वालों को गैरकानूनी तरीके से हटा दिया था।
विज्ञापन

सर्वे के आधार पर वेंडरों का पुनर्वास

हाईकोर्ट ने उनके मुवक्किलों सहित अन्य को संरक्षण प्रदान करते हुए बिना सर्वे व अन्य स्थान पर पुनर्वास किए बिना हटाने पर रोक लगा दी थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि जोनल वेंडर कमेटी के निर्णय तक किसी को भी न हटाया जाए।

सर्वोच्च न्यायालय पहले ही सरकार को शहरी स्ट्रीट वेंडर नीति 2009 को लागू करने का निर्देश दे चुका है। स्ट्रीट वेंडर एक्ट की धारा 22 में साफ है कि सरकार हर स्थानीय अथॉरिटी टाउन वेंडर कमेटी का गठन कर सर्वे करवाएगी।

सर्वे के आधार पर वेंडरों का पुनर्वास करेंगी। इसके अलावा 18 व 30 मई को हाईकोर्ट ने कई दिशा निर्देश जारी किए थे, लेकिन एनडीएमसी ने बिना आदेश का पालन किए 20 जून को नोटिस दे दिया कि 22 जून को गैरकानूनी वेंडरों को हटाया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें