दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें तलब करने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। निचली अदालत ने जुलाई 2022 में ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था और जैन को समन जारी किया था।
हालांकि ईडी ने समन को चुनौती देने वाली जैन की याचिका पर नोटिस जारी करने का विरोध किया, लेकिन न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने आगे बढ़कर औपचारिक नोटिस जारी किया। ईडी के वकील विवेक गुरनानी ने जोर देकर कहा कि वे कई साल बाद आए हैं। जुलाई 2022 में समन जारी किया गया था। वे तभी यहां आए, जब हमने उनकी डिफॉल्ट बेल के विरोध में यह दलील दी।
जैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन पेश हुए और कहा कि वे इन सभी दलीलों का जवाब देंगे। इससे पहले मई में हाईकोर्ट ने जैन की डिफॉल्ट बेल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया था। जैन ने उस याचिका में राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उन्हें राहत देने से इन्कार किया गया था। जैन इस मामले में फिलहाल जेल में हैं। जैन के खिलाफ ईडी का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर से उपजा है।
यह मामला इस आरोप पर दर्ज किया गया था कि जैन ने 2015 से 2017 के बीच विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर चल संपत्ति अर्जित की थी, जिसका वह संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके। बाद में ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत भी मामला दर्ज किया और आरोप लगाया कि उसके स्वामित्व वाली और नियंत्रित कई कंपनियों ने हवाला के माध्यम से कोलकाता स्थित एंट्री ऑपरेटरों को हस्तांतरित नकदी के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपये की आवास प्रविष्टियां प्राप्त कीं।