न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की एकल पीठ को बताया गया कि पूर्व में दिल्ली सरकार के मंत्री रहे एक के पार्टी नेता वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित प्लॉट 23 और 24 पर कब्जा किए हुए हैं। आप ने कहा कि यदि पार्टी को दफ्तर के लिए यह स्थान आवंटित किया जाता है, तो इसे छोड़ दिया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी दफ्तर के लिए जमीन आवंटन पर रुख स्पष्ट करने को कहा। न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की एकल पीठ को बताया गया कि पूर्व में दिल्ली सरकार के मंत्री रहे एक के पार्टी नेता वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित प्लॉट 23 और 24 पर कब्जा किए हुए हैं। आप ने कहा कि यदि पार्टी को दफ्तर के लिए यह स्थान आवंटित किया जाता है, तो इसे छोड़ दिया जाएगा।
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हाईकोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश वकील को इस मामले पर निर्देश लेने के लिए कहा और सुनवाई को बुधवार के लिए सूचीबद्ध किया। आप की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा, पार्टी को वैकल्पिक जमीन आवंटित की जानी चाहिए, क्योंकि वर्तमान दफ्तर को 15 जून तक खाली करना है और इस बीच किसी भी आवंटित जमीन पर नए भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सकता। इस साल 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने यह नोट करने के बाद कि राउज एवेन्यू में आप का दफ्तर जिस जमीन पर है, उसे जिला न्याय पालिका के विस्तार के लिए दिल्ली हाईकोर्ट को आवंटित किया गया है, पार्टी को 15 जून तक दफ्तर खाली करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, आगामी आम चुनावों को देखते हुए, 15 जून 2024 तक परिसर खाली करने का समय देते हैं, ताकि जिला न्यायपालिका के विस्तार के लिए आवंटित भूमि का त्वरित उपयोग किया जा सके।