हाईकोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल के प्रबंधक व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों के बीच हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस, एसएचओ द्वारका, सीआईएसएफ व डीएमआरसी स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामला द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन की है, जहां 31 मई को स्टेशन मैनेजर और सीआईएसएफ के एसआई के बीच पार्किंग को लेकर मारपीट हो गई थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को मुकर्रर की गई है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ के सामने सीआईएसएफ व डीएमआरसी ने बताया कि वह मामले में विभागीय जांच करा रही है। कोर्ट ने इस मामले को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों द्वारा लुटियंस जोन में सड़क पर कूड़ा फेंकने से जुड़े मामले के साथ सुनवाई के लिये सूचीबद्घ किया है।
पूर्व अर्धसैनिक पूरनचंद आर्या ने जनहित याचिका दायर की थी। याची के वकील अभिषेक कुमार चौधरी ने कहा कि पूरी घटना से आम लोगों को परेशानी हुई और परिचालन बंद रहने से मेट्रो को भी नुकसान हुआ। ऐसे में कोर्ट भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने उसके लिए गाइड लाइन तय करे।
पेश मामले में द्वारका सेक्टर 21 स्टेशन पर 31 मई को एसआई मेट्रो की स्टाफ पार्किंग में अपनी बाइक खड़ी कर रहा था। इस पर दोनों पक्षों में बहस हुई मारपीट हो गई। विरोध स्वरूप मेट्रो कर्मचारियों ने द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन पर सुबह व रात में दो बार मेट्रो का संचालन बाधित रखा। उस समय किसी तरह समझा-बुझाकर मेट्रो व सीआईएसएफ अधिकारियों मामले को शांत करवाया गया था।