मुंतजमिया कमेटी मदरसा बहरूल उलूम और कब्रिस्तान की ओर से याचिका दी गई है, जिसमें रमजान और ईद की नमाज के लिए लोगों को मस्जिद में प्रवेश की अनुमति देने की मांग वाली याचिका खारिज करने के सिंगल जज बेंच के आदेश को चुनौती दी गई है।
उच्च न्यायालय ने सोमवार को महरौली में ध्वस्त अखूंदजी मस्जिद स्थल पर रमजान के महीने और ईद पर नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि संबंधित मामले की अगली सुनवाई सात मई को होगी।
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मुंतजमिया कमेटी मदरसा बहरूल उलूम और कब्रिस्तान की ओर से याचिका दी गई है, जिसमें रमजान और ईद की नमाज के लिए लोगों को मस्जिद में प्रवेश की अनुमति देने की मांग वाली याचिका खारिज करने के सिंगल जज बेंच के आदेश को चुनौती दी गई है। अदालत ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने शब-ए-बारात के अवसर पर नमाज की अनुमति देने से इनकार करने वाले एक अन्य आदेश के आधार पर फैसला दिया है। याचिकाकर्ता पक्ष के वकील ने कहा कि रमजान के साथ-साथ ईद की अवधि भी तब तक समाप्त हो जाएगी, लेकिन न्यायाधीश मनमीत पीएस अरोड़ा वाली पीठ ने कहा कि इस स्तर पर मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जा सकता है, खासकर जब एकल न्यायाधीश ने करीब एक महीने पहले राहत देने से इनकार किया था।
गौरव भाटिया मसले पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित
हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता व भाजपा नेता गौरव भाटिया का नोएडा की एक अदालत में बदसलूकी करने की घटना को गलत तरीके से पेश करने संबंधी ऑनलाइन वीडियो को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि वे 10 अप्रैल को अपना आदेश पारित करेंगी। भाटिया ने खुद कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष पेश किया और कहा कि वीडियो किसी खास उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यह वीडियो/पोस्ट जब भी ऑनलाइन होता है तो उससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। वह ऐसे व्यक्ति का मजाक उड़ा रहा है, जिसने कड़ी मेहनत और ईमानदारी से अपना मुकाम हासिल किया है।
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पैथोलॉजिकल लैब मामले में केंद्र व अन्य से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने अवैध रूप से रक्त व अन्य नमूने एकत्र करने एवं झूठी मेडिकल रिपोर्ट देने वाले पैथोलॉजिकल लैब के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) एवं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन एवं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने सभी को नोटिस जारी कर सुनवाई 30 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनमें से कुछ लैब के पास नमूने लेने का लाइसेंस तक नहीं है। कई के पास केवल संग्रह केंद्र हैं, लेकिन कोई प्रयोगशाला नहीं है।