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फीस पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित

Wed, 13 Aug 2014 01:40 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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डीपीएसजी स्कूल प्रबंधन और स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के बीच फीस विवाद मामले में मंगलवार को हुई डेढ़ घंटे के सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
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पैरेंट्स एसोसिएशन के मुताबिक कोर्ट ने पैरेंट्स की बाताें को गौर से सुना। सभी दस्तावेज व शासनादेश देखे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक माह बाद मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूर्ण और न्यायाधीश दिलीप गुप्ता की खंडपीठ ने सभी पहलुओं को गंभीरता से सुना।

पैरेंट्स ने कोर्ट में पक्ष रखा कि पब्लिक स्कूल को फीस बढ़ाने के लिए खुली छूट नहीं मिलनी चाहिए, स्कूल ने अभी तक कोर्ट में शासन द्वारा जारी एनओसी की शर्तें, ट्रांसपोर्ट फीस आदि के बारे में स्पष्ट नहीं बताया। फीस बढ़ाने की एक तय सीमा होनी चाहिए।
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उधर, अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। समिति के महासचिव सुदेश शर्मा के साथ अन्य अभिभावक कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर दिनभर बैठे रहे।

अभिभावकाें का आरोप है कि जिला प्रशासन पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लगाम नहीं लगा रहा है। जीडीए द्वारा स्कूलों को सस्ती दर पर जमीन दी जाती है लेकिन स्कूल प्रबंधन नियमों का पालन नहीं करते। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता।

स्कूल संचालकों को देना होगा वाहनों का शपथ पत्र
परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों के लिए शपथपत्र अनिवार्य कर दिया है। इनको एक सप्ताह में शपथ पत्र देकर बताना होगा कि उनके स्कूल में कितने वाहनों का संचालन किस रूट पर होता है।

वाहनों और चालकों के नंबर भी विभाग में जमा कराने होंगे। आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि परिवहन आयुक्त ने अब स्कूल संचालकों से शपथ पत्र जमा कराने के आदेश दिए हैं।

इधर इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन के चेयरमैन सुभाष जैन ने बताया कि स्कूल संचालक सुप्रीम कोर्ट के सभी 14 नियमों का पालन कर रहे हैं। यदि परिवहन विभाग शपथ पत्र मांगेगा तो हम दे देंगे।
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