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Delhi NCR News: डीसीपीसीआर रिक्तियों पर हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) में लंबे समय से लंबित रिक्तियों को भरने में दिल्ली सरकार की नाकामी पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि सरकार ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों को भरने का वादा किया था, लेकिन चयन प्रक्रिया को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम-2005 को ही निरस्त कर दीजिए, सभी खुश होंगे। यह मामला 2017 में एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शुरू हुआ था।
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दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया कि डीसीपीसीआर के लिए योग्य उम्मीदवारों को एक जांच समिति ने शॉर्टलिस्ट कर लिया है। सदस्यों के चयन के लिए अगली कार्रवाई मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा की जाएगी, जिसकी बैठक 18 नवंबर को प्रस्तावित है। इस पर पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर तक स्थगित कर दी। गौरतलब है कि 23 जुलाई 2025 को दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह तीन महीने के भीतर डीसीपीसीआर के पदों को भरकर आयोग को पूरी तरह कार्यशील बना देगी। हालांकि, अदालत ने पाया कि इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
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