अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को नीट यूजी 2026 की अंतिम उत्तर कुंजी में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा कि जब तक किसी प्रश्न का आधिकारिक उत्तर स्पष्ट, प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से गलत साबित न हो, अदालत विषय विशेषज्ञों के आकलन की जगह अपना निर्णय नहीं रख सकती।
हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी नीट यूजी 2026 की पुनः परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी में बायोलॉजी के एक प्रश्न को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए की। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने अदालत को बताया कि अनंतिम उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों की विषय विशेषज्ञों ने जांच की थी। विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की गई। अदालत ने कहा कि शैक्षणिक मामलों में न्यायिक समीक्षा की भूमिका सीमित है। जहां उत्तर को लेकर विवाद हो या एक से अधिक दृष्टिकोण संभव हों, वहां अदालत विशेषज्ञों के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।