नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से पायलटों के साप्ताहिक विश्राम और छुट्टियों संबंधी नियमों में दी गई अनिश्चितकालीन छूट को लेकर सवाल उठाया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान डीजीसीए को नोटिस जारी किया और पूछा कि एक ही दिन दो अलग-अलग आदेश क्यों जारी किए गए एक अनिश्चितकालीन और दूसरा समयबद्ध।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि डीजीसीए ने केवल इंडिगो एयरलाइंस को फायदा पहुंचाने के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में छूट दी है, जो थकान प्रबंधन से जुड़े हैं। याचिका में कहा गया है कि डीजीसीए ने 5 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर छुट्टी को साप्ताहिक आराम से प्रतिस्थापित नहीं किया जाएगा वाले प्रावधान को वापस ले लिया, जिसे अनिश्चितकालीन बना दिया गया, जबकि रात की ड्यूटी संबंधी छूट केवल 10 फरवरी 2026 तक सीमित थी। कोर्ट ने डीजीसीए से पूछा, एक एयरलाइन (इंडिगो) में व्यवधान के कारण आपने छुट्टी और साप्ताहिक आराम को मिलाने वाले नियम को वापस लिया, लेकिन रात की ड्यूटी वाली छूट को फरवरी तक सीमित क्यों रखा? दूसरे के लिए अनिश्चितकालीन क्यों? न्यायालय ने कहा कि यह मामला यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है और ऐसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।