दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला न्यायालयों को कोरोना वायरस के प्रभाव से बचने के लिए अतिरिक्त निर्देश जारी किए। हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के संबंध में किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा के आधार पर यह अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना में हाईकोर्ट ने सभी जिला न्यायालयों को अतिरिक्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अदालतों में दैनिक रूप से काम के लिए आने वाले कर्मचारियों की संख्या में एक तिहाई कटौती की जाए। अदालत के अधिकारियों के पूरे कार्यबल के लिए दैनिक आधार पर ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि, दिल्ली की जिला अदालतों के कामकाज को काफी हद तक प्रतिबंधित किया गया है। ये निर्देश 31 मार्च, 2020 तक लागू रहेंगे।
इस अधिसूचना में संबंधित जिला न्यायाधीशों, जिला और सत्र न्यायाधीशों और प्रधान न्यायाधीशों को निर्देश दिए गए हैं कि मौजूदा स्टाफ को कम करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें, कर्मचारियों की ड्यूटी का एक रोस्टर बनाया जाए और उसके आधार पर कर्मचारियों को रोटेशनल आधार पर काम पर बुलाया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अदालतों में कर्मचारियों की संख्या एक तिहाई कम हो गई है। इसके साथ ही अधिसूचना में अधिकतर मामलों की सुनवाई 31 मार्च तक स्थगित किए जाने की बात भी कही गई है।
अधिसूचना में निर्देश दिया गया है कि नए तात्कालिक मामलों की सुनवाई के लिए समान अधिकार क्षेत्र की दो या अधिक अदालतें काम के घंटों के दौरान उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली न्यायिक सेवा प्रशिक्षु अधिकारियों और ऑन-कोर्ट संलग्नकों को केवल सप्ताह में दो बार ही अदालत में आने के लिए कहा जाना चाहिए। यह भी निर्देश दिया गया कि संबंधित न्यायालय परिसर के जिला और सत्र न्यायाधीश यह सुनिश्चित करेंगे कि न्यायालय भवन दैनिक आधार पर सैनिटाइजर से साफ किए जाएं।