हाईकोर्ट ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। अदालत ने पंजाब, राजस्थान, हरियाणा व उत्तर प्रदेश सरकार को डीजल से चलने वाली ऑल इंडिया परमिट वाली सभी टैक्सियों को सीएनजी में परिवर्तित करने की योजना पर विचार करने का निर्देश दिया है।
इतना ही नहीं अदालत ने दिल्ली सरकार को 20 नवंबर को आयोजित होने वाले हाफ मैराथन से पहले वायु प्रदूषण के स्तर पर एडवाइजरी जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा राजधानी में चलना- दौड़ना भी सुरक्षित नहीं हैं।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने सभी आसपास के राज्यों को टैक्सियों को सीएनजी में परिवर्तित करने की योजना पर तीन सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने 17 मिलियन टन ट्रॉ कचरे में से 13 मिलियन को जलाने पर भी गहरी चिंता जताई।
अदालत ने कहा दिल्ली में तो सभी टैक्सियां व अन्य परिवहन व्यवस्था सीएनजी पर है और इसके कारण प्रदूषण काफी काम भी हुआ है लेकिन पंजाब, राजस्थान, हरियाणा व यूपी से आने वाली टैक्सियां डीजल से चलती है और उनके कारण दिल्ली में प्रदूषण बढ़ जाता है। ऐसे में उनको भी सीएनजी में करने की जरूरत है।