लालबत्ती के मुद्दे पर केंद्र सरकार के फैसले के अगले दिन ही हाईकोर्ट के जजों ने अपने वाहन से लालबत्ती को अलविदा कह दिया।
वीवीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को लालबत्ती का प्रयोग पूरी तरह से खत्म करने का निर्णय लिया था। इसके दायरे में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री को भी रखा गया। केंद्र का यह फैसला 1 मई से लागू होगा।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को भोजनावकाश से पहले सभी जजों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि वे अपने वाहन से लालबत्ती को हटा देंगे।
इस फैसले पर तत्काल अमल भी हो गया। हाईकोर्ट परिसर में पार्क की हुई जजों के कार में लालबत्ती नहीं दिखी। सूत्रों ने बताया कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति एस. मुरालीधर कभी भी अपने वाहन में न तो लालबत्ती के प्रयोग करते थे और न ही निजी सुरक्षा अधिकारी लिया।
जबकि इसके लिए वे अधिकृत हैं। मौजूदा समय में हाईकोर्ट में 34 न्यायाधीश हैं।