हाईकोर्ट ने राजधानी में बंदरों की संख्या पर काबू पाने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से सहायता मांगी है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आईसीएमआर को नोटिस जारी किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल की अगुवाई वाली खंडपीठ को बताया गया कि आईसीएमआर ने बंदरों की संख्या पर नियंत्रण के लिए एक अध्ययन किया है। इस पर हाईकोर्ट ने आईसीएमआर को नोटिस जारी कर अगली तारीख पर तलब किया।
हाईकोर्ट ने राजधानी में बंदरों की संख्या पर नियंत्रण के लिए टीका बनाने के लिए हाई पावर कमेटी बनाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट के समक्ष एएसजी मनिंदर कौर आचार्य ने कहा कि कमेटी बनाने के लिए प्रस्ताव पेश किया गया है। खंडपीठ ने इस बात पर भी गौर किया कि तमिलनाडु के बंदरों से एक खतरनाक वायरस इंसानों में भी फैल रहा है।
राजधानी में बंदरों व आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए अधिवक्ता मीरा भाटिया ने वर्ष 2001 में याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि वह 17 साल से इसके लिए लड़ रही हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया है।
दक्षिण दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या के संबंध में निगम ने कोर्ट को बताया कि कुत्तों की तादाद नियंत्रित करने के लिए एनजीओ की सेवा ली जाएंगी। कोर्ट ने कुत्तों की नसबंदी की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया था।