इस मामले में अब तक कुल तीन याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। जिसमें लालू प्रसाद यादव, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और अब रावड़ी यादव की तरफ से याचिका दायर की गई। तीनों याचिकाओं पर अदालत में एक ही दिन सुनवाई होगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की याचिका पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में उन्होंने कथित आईआरसीटीसी घोटाले मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई से जवाब मांगा है।
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न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ के सामने याचिका रखी गई। अदालत मामले में सोमवार को सुनवाई करेगी। इस मामले में अब तक कुल तीन याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। जिसमें लालू प्रसाद यादव, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और अब रावड़ी यादव की तरफ से याचिका दायर की है। अदालत ने तीनों याचिकाओं को एक ही तारीख पर सुनने के लिए नियत किया है।
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है। उस समय लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। सीबीआई का आरोप है कि इस दौरान आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित दो होटलों के रखरखाव और संचालन के ठेके एक निजी कंपनी सुजाता होटल्स को अनियमित तरीके से दिए गए। बदले में लालू यादव के परिवार से जुड़ी कंपनी को करोड़ों रुपये की कीमत वाली प्रमुख जमीनें बहुत कम दाम पर हस्तांतरित की गईं। जांच एजेंसी ने इसे रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश का मामला बताया है। इस मामले में राबड़ी देवी भी आरोपी हैं।
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पिछले साल 13 अक्टूबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए थे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया सबूतों से पता चलता है कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और इससे सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान हुआ। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए।