स्टाफ वेतन और नियमित खर्च के लिए 20 लाख रुपये निकालने की अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) को राहत देते हुए अपने रिजर्व फंड से 20 लाख रुपये निकालने की अनुमति दे दी है। संगठन इस राशि का उपयोग कर्मचारियों के वेतन और अन्य नियमित खर्चों के भुगतान के लिए कर सकेगा।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कौराव की एकल पीठ ने सीएचआरआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि संगठन को खर्च का पूरा विवरण चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित कर अगली सुनवाई में पेश करना होगा। सुनवाई के दौरान संस्था की ओर से बताया गया कि विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़ी समस्याओं और घरेलू दान बंद होने के कारण संगठन गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। संस्था ने अपनी स्थिति को एक हजार कटों से मौत जैसी स्थिति बताया।
संस्था के वकील ने कहा कि घरेलू खाते में उपलब्ध धनराशि लगभग समाप्त हो चुकी है और जून के अंत तक शेष फंड भी खत्म हो जाएंगे। उन्होंने अदालत को बताया कि 80जी पंजीकरण रद्द होने के कारण घरेलू दान मिलना बंद हो गया है, जबकि लगभग चार करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद एफसीआरए संबंधी अड़चनों के चलते उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।