हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को प्रेम विवाह करने वाले जोड़े को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। दरअसल, प्रेमी जोड़े ने जुलाई 2018 में घर वालों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से परिजन दोनों को जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। इसके बाद दंपती ने अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
जस्टिस नजमी वजीरी ने किरण कुमारी व मानव की याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाने का निर्देश आरके पुरम पुलिस को दिया है। कोर्ट ने कहा है कि थाने के तीन पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर दंपती को मुहैया कराई जाए।
इनमें एक महिला अधिकारी भी होनी चाहिए। इन नंबरों पर या थाने के नंबर पर शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई करे। कोर्ट के समक्ष याची के वकील अमित कुमार सिंह ने कहा कि युवती के घर वाले पुलिस में काम करने वाले एक परिजन की मदद से युवक व उसके घर वालों को स्पेशल स्टाफ के जरिए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि आरके पुरम थाने का बीट अफसर अथवा डिविजन अफसर एक माह तक दंपती की सुरक्षा का जायजा ले और हालात रोजनामचे (कागज में नोट करें) में दर्ज करे।