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हर तीन माह में जरूर हो सजा समीक्षा बोर्ड की बैठक: हाईकोर्ट

Tue, 22 Oct 2019 06:13 AM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और जेल महानिदेशक को हर तीन महीने पर सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) की बैठक करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने यह निर्देश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। इस याचिका में कहा गया था कि एसआरबी की बैठक नियमित न होने से सुशील शर्मा समेत कई मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों की सजा समीक्षा नहीं हो पा रही।
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मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की खंडपीठ ने याचिका पर कहा कि दिल्ली कारावास नियमों के तहत तीन महीने पर एसआरबी की बैठक की जाए जिससे समय पूर्व रिहाई के दोषियों के आवेदन पर निर्णय लिया जा सके।

पेश जनहित याचिका दायर कर अधिवक्ता अमित साहनी ने कहा था कि एसआरबी के 16 जुलाई 2004 के आदेश व दिल्ली जेल नियम 2018 के अनुसार बोर्ड की बैठक तिमाही में कम से कम एक बार होनी चाहिए लेकिन अक्तूबर 2018 से अक्तूबर 2019 के बीच बोर्ड ने केवल 19 जुलाई 2019 को एक ही बैठक की है।
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याचिका में कहा गया है कि एसआरबी का गठन आजीवन कारावास से गुजर रहे कैदी को दी गई सजा की समीक्षा करने और उपयुक्त मामलों में समय से पहले रिहाई के बारे में सिफारिशें करने के लिए किया गया था। दिल्ली सरकार और जेल महानिदेशक अधिसूचना के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हैं, लेकिन बीते एक साल में सिर्फ एक बैठक ही बुलाई गई। इसके कारण उन लोगों को परेशानी हो रही है जिनके मामलों में विचार नहीं हो पा रहा है। 

एसआरबी के आदेश और जेल के नियमों के अनुसार यह बोर्ड के अध्यक्ष पर है कि जरूरत को देखते हुए वह बैठक बुला सकता है। याचिका के अनुसार हर तीन महीने में एसआरबी बैठक करने के संबंध में चार अक्टूबर को अधिकारियों को एक रिप्रजेंटेशन दिया गया लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
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