दिल्ली हाईकोर्ट ने चिड़ियाघर में बाघ द्वारा युवक को मारने के मुद्दे को लेकर दायर याचिका पर नेशनल जूलॉजिकल पार्क के निदेशक, सेंट्रल जू अथॉरिटी व पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब - तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति आरएस एंडला की खंडपीठ ने तीनों पक्षों को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 29 अक्तूबर तय की है। खंडपीठ ने अधिवक्ता अवध कौशिक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
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कौशिक ने रिपोर्ट तलब करने के साथ जू अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मकसूद के परिवार को मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये दिलवाने का भी आग्रह किया है। याची ने कहा कि 23 सितंबर को हुई घटना में जू प्रशासन की आपराधिक लापरवाही रही है।
बाघ के समक्ष युवक 12 से 15 मिनट तक जीवन की भीख मांगता रहा, लेकिन उसे बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि जू प्रशासन के पास इस प्रकार की घटना को रोकने के लिए कोई भी आपात योजना नहीं है। अत: सभी संबंधित पक्षों को ठोस उपाय करने का निर्देश दिया जाए।