फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1984 सिख दंगा मामला: सज्जन कुमार के खिलाफ दर्ज मामलों की हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

Thu, 26 Jan 2017 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : Google
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने 1984 सिख दंगा मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसआईटी) को कथित आरोपी पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ दंगों से संबंधित सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति एपी गर्ग ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह सज्जन के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की एफआईआर, उसकी तिथि के अलावा यह भी बताए कि दंगों के समय क्या सज्जन कुमार घटनास्थल पर उपस्थित थे। अदालत ने कहा यह भी बताया जाए कि क्या पहले दर्ज प्राथमिकी में सज्जन का नाम था या नहीं। अदालत ने मामले की सुनवाई 23 फरवरी तय की है।

अदालत एसआईटी की सज्जन कुमार को निचली अदालत द्वारा प्रदान जमानत को रद करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। एसआईटी ने निचली अदालत द्वारा सज्जन कुमार को 21 दिसंबर 2016 को दंगे से संबंधित मामले में अग्रिम जमानत देने को चुनौती दी है। सज्जन विकासपुरी व जनकपुरी इलाके में दंगा मामलों में आरोपी हैं।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसआईटी से पूछा की इन मामलों में सज्जन का नाम 2016 में ही क्यों सामने आया। इस पर एसआईटी के वकील ने कहा कि फोर्स के गठन के बाद कुछ गवाह सामने आए और उन्होंने इस बारे में बयान दर्ज कराएं हैं।

एसआईटी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) संजय जैन ने अदालत को बताया कि सज्जन कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। आरोप है कि एक नवंबर 1984 को जनकपुरी में हुए दंगों में सोहन सिंह, अवतार सिंह व विकासपुरी में गुरचरण सिंह की हत्या के मामले में सज्जन कुमार लिप्त थे। एसआईटी के अनुसार, सज्जन कुमार ने ही दंगों के लिए भीड़ को भड़काया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें