-लखनऊ में चल रही थी हेरोइन बनाने की फैक्टरी, तीन राज्यों में छापे
-करीब 60 करोड़ रुपये की 8.128 किलो हेरोइन, 12.81 लाख रुपये नकद और तीन वाहन बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस ने झारखंड के नक्सल प्रभावित चतरा जिले से शुरू होकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर तक फैले एक बड़े हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 8.128 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। साथ ही 12.81 लाख रुपये नकद और तीन वाहन भी जब्त किए गए हैं। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि इस नेटवर्क की जड़ें झारखंड के चतरा जिले में अवैध अफीम की खेती से जुड़ी थीं। चतरा निवासी प्रकाश कुमार अपनी जमीन पर अवैध रूप से अफीम उगाता था और कच्ची अफीम की सप्लाई उत्तर प्रदेश के आरोपियों को करता था। वहां से इसे हेरोइन में बदलकर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में पहुंचाया जाता था।
बेगमपुर से शुरू हुई कार्रवाई, लखनऊ पहुंची पुलिस : 16 सितंबर को बेगमपुर इलाके में लक्ष्मण हुड्डा को 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये के साथ पकड़ा गया। अगले दिन हरियाणा के सोनीपत से अनिल उर्फ भोला गिरफ्तार हुआ, जिसके पास से 501 ग्राम हेरोइन मिली। दोनों की पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम लखनऊ पहुंची। 4 अक्तूबर को जानकीपुरम स्थित हेरोइन बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा गया। यहां से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन के साथ रसायन और उपकरण बरामद हुए। फैक्टरी में काम करने वाले बबलू को मौके पर गिरफ्तार किया गया, जबकि इकाई के मालिक रुकसार अली उर्फ राजू को बाद में पकड़ा गया।
बरेली-बदायूं से भी गिरफ्तारियां, सप्लाई चेन टूटी : इसके बाद बरेली से अजाज अहमद को गिरफ्तार किया गया। वह रुकसार अली को कच्ची अफीम की आपूर्ति करता था। उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। 16 अक्तूबर को बदायूं से मोहम्मद अजहर को गिरफ्तार किया गया। वह अजाज अहमद को अफीम और हेरोइन की सप्लाई करता था। उसके पास से 551 ग्राम हेरोइन, 9.81 लाख रुपये नकद और एक कार जब्त की गई। इस प्रकार झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में फैले पूरे सप्लाई चेन को तोड़ दिया गया है। पुलिस आगे की जांच में और कड़ियों का खुलासा करने में जुटी हुई है।