यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे राया में बसाई जाने वाली हेरिटेज सिटी को वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर से सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालु हेरिटेज सिटी आसानी से आ सकें। मथुरा और आगरा आने वाले पर्यटक यहां पर भी आकर रुक सकेंगे। इसका विकास सात चरणों में होगा। सबसे पहले पर्यटन जोन व रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने राया में 9000 हेक्टेयर से अधिक एरिया में हेरिटेज सिटी बनाने की योजना है। यह अपने आप में संपूर्ण शहर होगा। अब तक इस शहर को एक साथ बसाने की योजना थी, लेकिन अब बदलाव किया गया है। इसमें सबसे पहले पर्यटन जोन व रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। पर्यटन जोन 731 हेक्टेयर और रिवर फ्रंट 109.7 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनवाने और विकासकर्ता एजेंसी का चयन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाल दिया गया है। इसकी निविदा 9 जनवरी को खोली जाएगी।
यमुना प्राधिकरण के मुताबिक, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के लिए जनवरी में सलाहकार एजेंसी का चयन हो जाएगा। मार्च में डीपीआर बन जाएगी। जुलाई में विकासकर्ता एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। पर्यटन के लिहाज से यह परियोजना महत्वपूर्ण है। इसे वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पास ही यमुना में सेतु निगम पुल का निर्माण कर रहा है। इससे यह शहर बांके बिहारी मंदिर से जुड़ जाएगा।
परियोजना के पहले चरण में प्रारंभिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें सड़क, नाली, सीवर, पानी की लाइन आदि पर काम होंगे। इसके बाद रिवर फ्रंट को विकसित किया जाएगा। यह गुजरात में बने साबरमती और लखनऊ में बने गोमती रिवर फ्रंट की तरह होगा।
तीसरे चरण में थीम पार्क बनेगा
परियोजना के तीसरे चरण में थीम पार्क विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र ही पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसमें ग्रामीण परिवेश आदि विकसित किए जाएंगे। चौथे चरण में एक्सप्रेसवे के किनारे व्यापारिक पर्यटन को विकसित किया जाएगा। इसमें पुराने मथुरा-वृंदावन की झलक दिखेगी। पांचवें चरण में शहर के बाहरी एरिया को विकसित किया जाएगा। इसमें सामुदायिक जरूरतें और राजस्व बढ़ाने पर फोकस होगा। छठे चरण में पर्यटन के लिहाज से सुविधाएं विकसित की जाएंगी। दूसरे पर्यटन शहरों की तर्ज पर यहां भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के आखिरी चरण में बची हुई सुविधाओं का विकास होगा।