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हेल्पलाइन पर उत्तरपूर्वियों को डराती है पुलिस

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उत्तर पूर्वी राज्यों के लोगों पर बढ़ते अत्याचार को देखते हुए गुड़गांव में शुरू हुई हेल्पलाइन नंबर के दुरुपयोग होने का मामला सामने आया है। कई उत्तर पूर्वी लोगों की शिकायत है कि हेल्पलाइन पर फोन करने पर किसी सहायता के बजाए पु्लिस वाले डराते हैं।
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हेल्पलाइन के खुलने के पहले दिन ही 30 शिकायतें आई है। लेकिन इस हेल्पलाइन को लेकर जागरूकता बड़ी ही निराशाजनक रही है। हेल्पलाइन नंबर (0124)2301559 का शुरूआत डायरेक्टर के आदेश पर 15 अक्टूबर को दो युवाओं पर हमले के बाद किया गया।

दरअसल 15 अक्टूबर के नांगालैंड के दो युवाओं को बुरी तरह से मारा पीटा गया था। हेल्पलाइन की शुरूआत पिछले मंगलवार की गई थी। लेकिन शुरूआत के लगभग एक सप्ताह में गुड़गांव के शहरों से सटे गांव सिकंदरपुर,चकरपुर और नाथुपुर में लोगों के व्यवहार में कुछ खास बदलाव नहीं देखा गया है। जबकि यहां बड़ी संख्या में उत्तर पूर्व के लोग रहते है।
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महिलाओं से किया जाता है दुर्व्यवहार

उत्तर पूर्व के सहयोग केंद्र और हेल्पलाइन के प्रबंधक मैथ्यु कामई ने कहा उत्तर पूर्व से आए हुए लोगों को यहां के रहन सहन में रहने काफी परेशानी होती है क्योंकि उनके रहन सहन और यहां के रहन सहन में बड़ी भिन्नता है। खासकर महिलाओं को सामनता की नजर से नहीं देखा जाता और उनकी रहन सहन की वजह से उन्हें बुरा भला भी कहा जाता है। इसके अलावा सबसे ज्यादा परेशान‌ी उत्तर पूर्व के लोगों को यहां की बोली को लेकर होती है ।‌जिसके कारण से लोगों को यहां रहने में परेशानियां आती हैं।

अरूणाचल प्रदेश का रहने वाले चिकलोंड चकम गुड़गांव के चकरपुर में अपने भाई के साथ रहता है। चिकलोंड़ को हेल्पला‌इन क‌ी बारे बढ़ा कम जागरूकता है, लेकिन उसने हेल्पलाइन के होने वाली परेशानियों के बारे में चिंता व्यक्त की।

चिंकलोंड़ ने कहा कि कोई हेल्पलाइन के लिए कार्यरत लोग न ही अंग्रेजी समझ पाते है और न ह‌ी हमारी भाषा समझ पाते हैं। इसके अलावा यहां की पुलिस की बात करने का तरीका तो लोगों को भयभीत कर दें। यहीं सारी चीजें हमें पुलिस तक जाकर ‌अपनी बात रखने में भी मन में डर पैदा कर देती है।
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