शहर में सार्वजनिक परिवहन की भारी कमी है। लोग ऑटो और निजी बसों में सफर करने को मजबूर हैं। दूसरी ओर हरियाणा रोडवेज के पास बसें होने के बावजूद उन्हें सड़कों पर नहीं उतारा जा रहा है।
बसें हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग निगम में साल भर से तैयार होकर धूल फांक रही हैं। शहर के बहरामपुर रोड खांडसा में 300 बसें सड़कों पर उतरने के इंतजार में कंडम हो रही हैं।
निगम के अधिकारी बता रहे हैं कि सरकार के पास पर्याप्त ड्राइवर नहीं हैं इसलिए ऐसी दिक्कत है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सचिव भूप सिंह का कहना है कि निगम के कार्यालय में बसें साल भर से बनकर खड़ी हैं। न चलने की वजह से किसी का टायर खराब हो रहा है और किसी की बैट्री।
सरकार को इसे चलाना चाहिए, ताकि इस पर लगी रकम का सदुपयोग हो और जनता को राहत मिले। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद बसें खरीदने का कोई आदेश नहीं आया।
अगर जल्द ही इन्हें डिपो में चलने के लिए नहीं भेजा गया तो यह बसें पूरी तरह से कबाड़ हो जाएंगी। अगर कंडम बसों के स्थान पर इन्हें चला दिया जाए तो यात्रियों को काफी राहत मिलती।