दुपहिया वाहन चालकों को अब हर हाल में हेलमेट लगाना होगा। महज चालान कटवा लेने से अब राहत नहीं मिलने वाली। नए एमवी एक्ट में हेलमेट अनिवार्य करने को माथापच्ची की गई है।
अब पुलिस बिना हेलमेट वाले चालकों का चालन तो काटेगी ही साथ ही मौके पर ही उन्हें हेलमेट खरीदवा कर रसीद भी देगी। हेलमेट नहीं खरीदने पर वाहन सीज कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान से रोड सेफ्टी का मिशन पूरा नहीं हो रहा है।
अभी तक हेलमेट न लगाने पर चालान काटकर छोड़ दिया जाता था। चालान पर्ची का जुर्माना एक सप्ताह में सौ रुपये जमा कराना होता है। इस बीच दोबारा चालान भी नहीं होता है।
चालान भी अभियान के दौरान ही ज्यादा काटे जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चालान का उद्देश्य जुर्माना राशि जमा करना नहीं है। चालान कटने के बाद कुछ मामलों में आगे जाकर हादसे भ्ाी हुए हैं।
ऐसे में नए एमवी एक्ट में इसका समाधान निकाल लिया गया है और चालान के साथ हेलमेट दिलाने की तैयारी की गई है। हेलमेट की कीमत वाहन चालक को मौके पर ही अदा कर रसीद लेनी होगी।
इससे वह आगे का सफर हेलमेट लगाकर पूरा कर सकेगा। इससे वाहन चालक को रुपये तो ज्यादा चुकाने होंगे लेकिन हेलमेट लगाकर वह सेफ सफर कर सकेगा।
हेलमेट न खरीदने पर दुपहिया वाहन चालकों पर दूसरे तरह की कार्रवाई होगी। ऐसी स्थिति में वाहन को सीज कर दिया जाएगा। यानी बिना हेलमेट वाहन नहीं चलने दिया जाएगा।
एआरटीओ शेर सिंह यादव के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दिन में कई बार बिना हेलमेट वाहन लेकर निकलेगा तो उसको हर बार नया हेलमेट दिलाया जाएगा।
ऐसे में घर में कई हेलमेट इकट्ठे होने पर परिवार के लोग भी वाहन निकालते ही हेलमेट लगाने पर जोर देंगे। इस तरह रोड सेफ्टी का मिशन काफी हद तक पूरा हो सकेगा।