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हिम्मत हो तभी जाएं इस डरावनी पार्टी में

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चारों तरफ घुप्प अंधेरा। रोशनी के नाम पर सिर्फ जलती बुझती पंपकिन लाइट्स। इस बीच डरावना संगीत और अचानक से सामने ड्रैकुला का आना। उसके साथ कुछ ऐसे चेहरे जिसे अचानक देखकर आपकी जान हलक में अटक जाए।
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जी हां, हम किसी फिल्म की कहानी नहीं बता रहे हम बात कर रहे है 31 अक्तूबर को पश्चिमी देशों में मनाए जाने वाले हैलोवीन फेस्टिवल का। जिसका क्रेज अब दिल्ली एनसीआर में भी बढ़ रहा है। युवाओं में इसका खासा क्रेज भी देखा जा रहा है की इसके लिए पार्टियां भी प्लान की जा रही है।

हैलोवीन पश्चिमी देशों में क्रिश्चन समुदाय का त्यौहार माना जाता है। हैलोवीन का मतलब है होली इवनिंग। इस दिन लोग डरावने चेहरे के साथ एक जगह एकत्रित होते है। एक दूसरे को डराने की कोशिश के साथ पार्टी भी करते है।
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दिल्ली में भी इस बार इसका क्रेज देखने को मिल रहा है। हालांकि पहले भी इसका इक्का दुक्का आयोजन होता रहा है लेकिन इस बार इसके लिए खास तौर से सोशल मीडिया पर पेज तैयार करके लोगों पार्टी में आने के लिए बुलावा भेजा जा रहा है।
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जोरों पर हैं तैयारियां

इसके क्रेज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है अब गेट-टू-गेदर, बर्थ-डे पार्टिंयां भी युवा हैलोवीन थीम पर रख रहे है। इसी का असर है दिल्ली में हैलोवीन के दिन पहने जाने वाले डरावने मास्क का बाजार भी बढ़ा है। दिल्ली में कमला मार्केट, जनपथ, मुनरिका, साउथ एक्स ऐसे बाजार है, जहां पर इससे संबंधित मास्क ज्यादा मिलते है।

जनपथ पर ऐसे प्रोडक्ट बेचने वाले नागेश्वर कुमार ने बताया कि पिछले साथ तक हम कुछ लिमिटेड स्टॉक ही रखते थे। मगर इस बार युवाओं में इसकी मांग है। हमने कई ग्रुप को बल्क में ऐसे प्रोडक्ट की सप्लाई की है।

हैलोवीन के लिए अब महज पांच दिन बचे है। इसलिए लोगों में तैयारी भी जोरों पर चल रही है। डीयू में पढ़ाई कर रहे राहुल ने बताया कि मुझे भी एक इनवाइट मिला है। मेरे दोस्तों ने गुड़गांव में पार्टी रखी है। मैने इसके लिए तैयारी भी कर ली है। खासतौर से ड्रैकुला वाला मास्क खरीदा है। हैलोवीन के प्रोडक्ट ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
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