इसके बनने के बाद लोगों ने भी दिल्ली में लगने वाले जाम से निजात पाने की सोची थी, लेकिन छह माह के अंदर ही जहां केजीपी पर जगह-जगह सड़क टूट रही है, वहीं रात को तेज गति में दौड़ने वाले ओवर लोड वाहन, ट्रक व डंपरों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा रहता है। वाहन चालक यदि कुछ बोलते है तो टोल बेरियर पर तैनात बाउंसर झगड़ा करने पर उतर आते हैं।
ऐसा ही नजारा मंगलवार देर रात करीब 12 देखने को मिला। जब वाहन चालकों ने टोल पर तैनात कर्मचारियों से जाम लगने का कारण व वाहनों को न निकालने का कारण पूछा तो बाउंसर स्टाफ के कर्मचारी झगड़ा करने तक उतर आए।
केजीपी पर गाजियाबाद से पलवल आ रहे वाहन चालक राज कुमार, ऋषि व राजीव ने बताया कि केजीपी पर रात के समय सफर बेहद असुरक्षित है। न तो यहां कोई पुलिस की गाड़ी खड़ी नजर आती है और न ही एनएचएआई की तरफ से सुरक्षा के इंतजाम है। रोड भी ठीक नहीं है तथा टोल बेरियर पर जाम व कर्मचारियों द्वारा की जाने वाले गुंडागर्दी से डर लगता है। इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
केजीपी और केएमपी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, फिर भी वे एनएचएआई के अधिकारियों से बात करेंगे तथा वाहन चालकों व लोगों की समस्याओं पर ध्यान दिलवाकर उन्हें दूर कराने का प्रयास करेंगे।-डॉ. मनीराम शर्मा, जिला उपायुक्त