आगरा
आगरा में प्याज का थोक रेट 40 से 50 रुपये के बीच है। फुटकर में प्याज 60 से 80 रुपये के बीच में बिक रहा है, जो तीन तरह के हैं। छोटा प्याज 60 रुपये, लाल प्याज 70 रुपये और बैंगनी प्याज 80 रुपये प्रति किलो।
प्याज कारोबारी नितिन कोचर का कहना है कि नासिक, महाराष्ट्र और बंगलूरू से आगरा में प्याज आता है लेकिन, जो प्याज आता था , वह बारिश के चलते खराब हो गया । अब आगरा में राजस्थान के अलवर जिले से प्याज आ रहा है। जो केवल तीन से चार गाड़ियां आती हैं। फिलहाल एक सप्ताह में आठ से लेकर 12 रुपये तक दामों में उतार चढ़ाव हुआ है। सात दिनों तक प्याज के दाम कम होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। जितनी मांग है उसी हिसाब से मंगा रहे हैं। 4000 रुपये से आठ हजार रुपये प्रति कुंतल प्याज मिल रहा है।
मेरठ
मेरठ नवीन मंडी में प्याज के भाव धड़ाम हो गए हैं। राजस्थान से आने वाले प्याज की आवक बढ़ने के कारण बुधवार को प्याज 25 से 40 रुपये प्रति किलो के भाव में बिका। जबकि एक दिन पहले तक यही प्याज 25 से 60 रुपये प्रति किलो मंडी में बिका है। मंडी में प्याज का कोई खास भंडार नहीं है।
नवीन मंडी के थोक व्यापारी पदम सिंह सैनी का कहना है की प्रतिदिन जितनी प्याज की आवक होती है, उसमें से 90 प्रतिशत प्याज प्रतिदिन बिक जाता है। अब प्याज की आवक बढ़ जाने के कारण दाम नीचे आए हैं। अनुमान है कि प्याज के रेट और भी नीचे आएंगे।
बागपत
बागपत में आज प्याज के दाम फुटकर में 60 से 70 रुपये प्रति किलो रहे। ढाबों पर सलाद में प्याज की जगह मूली ने ले ली है। दुकानदार कहते हैं कि अधिकतर प्याज दिल्ली मंडी से आता है, जो भाव मंडी में होते हैं, उसी आधार पर दुकानदार भाव ऊपर-नीचे कर लेते हैं।
बिजनौर
बिजनौर में प्याज 50 से 60 रुपया प्रति किलो रहा। मंगलवार को दाम 70 से 80 रुपये प्रति किलो थे। रात में 20 रुपये टूटे। हालांकि दाम क्यों कम हुए यह कोई बताने को तैयार नहीं है।
अलीगढ़
प्याज की आवक कम होने के चलते प्याज महंगा होने लगा है। बुधवार के बाद गुरुवार को प्याज की कीमतों में 10 से 20 रुपये की उछाल आया है। बुधवार को राजस्थान से प्याज आने के चलते थोक में प्याज 45 से 50 रुपये किलो बिका था। फुटकर में यही प्याज 60 से 65 रुपये तक बिका। जबकि गुरुवार को मांग बढ़ने के चलते मंडी में थोक कीमत में प्याज 50 से 60 रुपये किलो बिका। फुटकर में 70 से 80 रुपये तक प्याज के भाव रहे। बताया जा रहा है कि प्याज बाजार में नहीं आया और मांग बरकरार रही तो प्याज के दाम और बढ़ेंगे।
वाराणसी
वाराणसी में थोक में 40 से 50 रुपये प्रति किलो प्याज मिल रहा है। वहीं फुटकर में 70 से 80 रुपये प्रति किलो दाम हैं। वाराणसी मंडी समिति के सचिव डीके वर्मा के मुताबिक प्याज मंडी में कीमत 3000 से 4500 रुपये प्रति कुंतल है। पहाड़िया मंडी में प्रतिदिन पांच से छह ट्रक प्याज महाराष्ट्र के नासिक से पहुंच रहे हैं। हालांकि पहले 10 से 12 ट्रक रोजाना मंडी में पहुंचते थे। नासिक में बारिश, बाढ़ से फसल बर्बाद होने से प्याज का उत्पादन कम हुआ है। कुछ बिचौलियों ने पहले भी माल का अवैध भंडारण कर लिया था। प्याज के दाम बढ़ने के पीछे ये मुख्य कारण हैं।
हरियाणा
सोनीपत में प्याज का भाव थोक में 40 से 45 रुपये किलो है। जबकि खुदरा भाव 50 से 60 रुपये किलो है। यह भाव एक दिन पहले तक 20 रुपये किलो ज्यादा था, लेकिन यहां गुरुवार को भाव में कमी आई है। यहां पहले कर्नाटक व महाराष्ट्र से प्याज आता था। अब राजस्थान का प्याज आना शुरू हो गया है। इस कारण भी भाव में कमी आई है।सोनीपत सब्जी मंडी के आढ़ती अशोक जैन ने बताया कि अब आगे प्याज के भाव में निरंतर कमी आने की उम्मीद है।
पंजाब
भारत-पाकिस्तान के खराब हो रहे रिश्तों का असर प्याज की कीमतों पर भी दिखने लगा है।बाघा बॉर्डर से इस साल पाकिस्तानी प्याज की आमद नहीं होने के कारण एक सप्ताह में प्याज की कीमतें 30 रुपये तक बढ़ गईं हैं। एक सप्ताह पहले तक प्याज के भाव 40 रुपये थे, जो अब बढ़कर 70 रुपये तक पहुंच गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्याज की कीमतों में यह बढ़ोतरी 15 से 20 दिन तक ऐसे बनी रहेगी। दीपावली के बाद प्याज के दाम 40 से बढ़कर 70 रुपये तक पहुंच गए हैं।
हिमाचल
शिमला सहित हिमाचल में प्याज के दाम आसमान छूने लगे हैं। हाल ही में लोगों को प्याज और टमाटर के दामों में गिरावट से राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से प्याज के दाम बढ़ गए हैं। प्याज पिछले हफ्ते जहां 40 से 50 रुपये किलो बिक रहा था वहीं गुरुवार को कई शहरों में 80 रुपये तक प्रतिकिलो बिका।अचानक दाम बढ़ने से लोग परेशान हैं। वहीं शिमला के लोगों को कुछ राहत मिली है।
गुरुवार को स्थानीय सब्जी मंडी में प्याज 60 रुपये प्रति किलो बिका। बीते दिनों यहां दाम 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे।सब्जी विक्रेताओं के अनुसार रोजाना मंडी में जहां 200 के करीब प्याज के कट्टे आते थे, वहीं अब करीब 100 कट्टे ही पहुंच रहे हैं। बाहरी राज्यों में भारी बरसात के कारण प्याज की फसल नष्ट हो गई है। इस कारण प्याज की फसल मार्केट में बहुत कम आई है। स्थानीय प्याज अभी आना शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में प्याज के दामों में वृद्धि हुई है।
शिमला सब्जी मंडी के अध्यक्ष विशेश्वर नाथ ने कहा कि मंडी में आपूर्ति कम होने से प्याज के दामों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को कई जगह प्याज 80 रुपये किलो बिका है लेकिन शिमला में लोगों को कुछ राहत मिली है। कहा कि करीब 10 दिन बाद ही प्याज के दाम में गिरावट आ सकती है।
उत्तराखंड
ऐसे में सिर्फ 100 टन ही प्याज प्रतिदिन उत्तराखंड पहुंच पा रहा है। लेकिन प्याज के कारोबार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि एक हफ्ते के अंदर महाराष्ट्र व राजस्थान से प्याज की आपूर्ति होने के साथ ही दामों में तेजी से गिरावट आएगी। इतना ही नहीं कारोबारियों का यह भी कहना है कि दो दिन पहले प्याज का थोक दाम 6000 रुपये प्रति कुंतल था। वह 1000 रुपये घटकर 5000 रुपये प्रति कुंतल पहुंच गया है। उम्मीद है कि एक हफ्ते बाद प्याज के दाम में 15-20 रुपये प्रति किलो की कमी आएगी।
तेजी आने के कारण: उत्तराखंड में प्याज महाराष्ट्र से आयात होता है। लेकिन मानसून के देरी से लौटने की वजह से महाराष्ट्र में न सिर्फ फसल खराब हुई बल्कि प्याज की खुदाई में भी देरी हुई। परिणाम ये रहा कि जो प्याज एक महीने (सितंबर-अक्टूबर) पहले आयात होना था, वह अब एक हफ्ते बाद महाराष्ट्र से उत्तराखंड पहुंचेगा। पूर्व में देहरादून मंडी में प्रतिदिन औसतन 10 ट्रक में 250 टन प्याज आयात होता था। लेकिन वर्तमान में महज केवल चार ट्रक प्याज ही आ रहा है।