फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में दंगाः गोलियों की आवाज सुनकर दिल बैठ गया, नींद उड़ गई

Thu, 27 Feb 2020 03:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली
विज्ञापन
हिंसा के बाद... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिन की शुरुआत गोलियों की तड़तड़ाहट और पथराव की आवाजों के साथ हो रही थी। दिन चढ़ने के साथ-साथ चिंता बढ़ती जाती थी। आंखों के सामने अब तक के जीवन का सबसे खौफनाक मंजर था। दुकानें लूटी जा रही थीं, जिन्हें बाद में आग के हवाले कर दिया जा रहा था। आसमान में उठते धुएं के गुबार अमन व चैन को लीलने वाली नफरत की आग के गवाह थे। 

विज्ञापन


यह आपबीती बताते हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त करावलनगर इलाके की महिलाओं की आवाजें भारी हो रही थीं। हालांकि, अब इलाके में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात हैं, लेकिन लोगों के चेहरों पर मौजूद खौफ नहीं गया है। पिछले तीन दिन में दिखा खौफनाक मंजर बार-बार उनकी आंखों के सामने आ जाता है।

करावल नगर के मूंगा नगर में रहने वाली विद्या ने बताया कि तीन दिनों से इलाके के लोग खौफ में हैं। सुबह से ही गोलियों की आवाजें आनी शुरू हो जाती थीं। गोलियों की आवाजें इतनी थीं, जैसे दीवाली पर कोई पटाखे वाली बंदूक चला रहा हो। घरों से बाहर झांकने पर रोड पर सिर्फ भागती हुई भीड़ और फेंके जाने वाले पत्थर दिखाई देते थे। आलम यह था कि छत पर भी जाना मुश्किल था। 
विज्ञापन


हर समय बस यही डर लगा रहता था कि कही दंगाई हमारे घर को भी निशाना न बना लें। सब कुछ आंखों के सामने हो रहा था और हम लोग अपने घरों में बेबस होकर माहौल के शांत होने की प्रार्थना कर रहे थे। 

स्थानीय निवासी अरुण ने बताया कि रोज दोपहर में ही उपद्रवी खूब उत्पात मचा थे। सुरक्षा की चिंता में हम लोगों की नींद भी गुम हो गई थी। अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हम रातभर जागकर पहरा देते थे, जिससे कोई दंगाई हमारे परिवार को निशाना न बना सके। 

यही कारण है कि तीन दिन से इलाके के लोग ठीक तरह से सोए नहीं हैं। अरुण ने बताया कि अर्धसैनिक बल की टुकड़ी तैनात होने के बाद कुछ राहत तो मिली है, लेकिन अब भी मन में डर बना हुआ है।

सीमेंट के कट्टों में भरे मिले पत्थर
बुधवार को करावल नगर में हिंसा का खौफनाक मंजर थमा तो रोड पर सीमेंट के कट्टों में पत्थर भरे मिले। करावल नगर के मुख्य मार्ग पर जगह-जगह पत्थर बिखरे हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दंगाइयों ने पहले से पथराव की तैयारी कर रखी थी और पत्थर कट्टों में भरकर रखे थे। बुधवार को पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ने के बाद उन्होंने इन्हें सड़कों पर फेंक दिया। उधर, दंगाइयों की ओर किए गए पथराव के कारण सड़क पूरी तरह पत्थरों से पटी हुई थी। मेन रोड पर जली दुकानें तबाही का मंजर दिखा रही थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें