-भारतीय महिला व पुरुष के लिए विवाह की आयु एक समान करने की मांग लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है
-पेश जनहित याचिका में कहा गया है कि देश में शादी के लिए अलग आयु का निर्धारण किया गया है
भारतीय महिला व पुरुष के लिए विवाह की आयु एक समान करने की मांग लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी।
विज्ञापन
पेश जनहित याचिका में कहा गया है कि देश में शादी के लिए अलग आयु का निर्धारण किया गया है। यह व्यवस्था संविधान में दिए गए समानता के अधिकार और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। इसलिए इस व्यवस्था को समाप्त कर विवाह की आयु समान की जाए।
याचिका में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था में शादी की न्यूनतम आयु पुरुषों के लिए 21 वर्ष तथा महिलाओं के लिए 18 वर्ष रखी गई है। ऐसा इंडियन क्रिश्चियन मैरिज एक्ट, पारसी मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट, स्पेशल मैरिज एक्ट, हिंदू मैरिज एक्ट, बाल विवाह रोकथाम अधिनियम के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के कारण हो रहा है। यह महिलाओं के साथ भेदभाव है। इसलिए उनके लिए शादी की आयु 18 साल को अवैध घोषित किया जाए।