इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट में दोषियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को निर्देश देने को लेकर याचिका दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने इस पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा, याचिका में इस दलील में कोई दम नहीं है। इसे सबसे पहले आयोग में लेकर जाना चाहिए। ए राजराजन की ओर से शनिवार को यह याचिका दी गई थी।
निर्भया के पिता बोले, उम्मीद है कि दरिंदों को इसी माह होगी फांसी
पवन की दया याचिका खारिज होने के बाद निर्भया के पिता ने कहा, अब सभी के विकल्प समाप्त हो चुके हैं। देखते है कि अगला कदम क्या होगा? मगर मुझे भरोसा है कि इंसाफ मिलकर रहेगा। हमें उम्मीद है कि दोषियों को इसी माह फांसी पर लटकाया जाएगा और अरसे के इंतजार के बाद इंसाफ जरूर मिलेगा।
निर्भया की मां ने कहा कि मुझे संतोष तभी होगा जब फांसी हो जाएगी
पवन की दया याचिका खारिज करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बहुत-बहुत धन्यवाद। मगर, मुझे तभी संतोष मिलेगा, जब दोषियों को फांसी पर लटकाया जाएगा। अब गुनहगारों ने सभी कानूनी विकल्प आजमा लिए हैं और नया डेथ वारंट अंतिम होगा। दोषियों की फांसी की राह में कोई बाधा नहीं आएगी।