अदालत ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई 19 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख एवं सांसद बृजभूषण शरण सिंह की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश जारी किया।
अदालत ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई 19 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख एवं सांसद बृजभूषण शरण सिंह की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश जारी किया।
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राउज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष भाजपा सांसद की ओर से दलील पेश करते हुए वकील ने कहा कि सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए खेल मंत्रालय ने जिस निरीक्षण समिति का गठन किया था उसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेज दी थी। उन्होंने दलील दी कि इस रिपोर्ट को पुलिस की चार्जशीट का भी हिस्सा बनाया गया है।
वकील ने तर्क दिया कि पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ शिकायत दिखावटी तरीके से दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर यौन उत्पीड़न के बजाय छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह की ओर से दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया और सुनवाई 19 अक्टूबर को तय कर दी।
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इससे पहले सितंबर में मामले की जांच के लिए गठित निरीक्षण समिति की अध्यक्षता महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने की थी। दिल्ली पुलिस ने 16 सितंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में कहा था कि निगरानी समिति ने उसे दोषमुक्त नहीं किया है। गौरतलब है कि इससे पहले 24 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा था कि आरोपी ने महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) हरजीत सिंह जसपाल के समक्ष दलील देते हुए कहा कि सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।