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नेशनल हेराल्ड मामला: सुनवाई 21 मई तक टली, सोनिया-राहुल के वकील ने मांगा समय; पढ़ें कोर्ट ने क्या कहा

Thu, 08 May 2025 02:52 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई 21 और 22 मई तक के लिए टाल दी। 
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सोनिया गांधी और राहुल गांधी। - फोटो : एएनआई
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नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में में आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के वकील ने राउज एवेन्यू कोर्ट से कहा कि मामले से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए। अदालत ने मामले की सुनवाई 21 मई तक के लिए स्थगित कर दी है और कहा है कि 22 मई को भी सुनवाई जारी रहेगी।

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विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनने के बाद कहा कि चूंकि सह-आरोपी सैम पित्रोदा को बृहस्पतिवार को ईमेल के जरिये नोटिस भेजा गया था, इसलिए अगली तारीख पर आरोपपत्र के संज्ञान पर दलीलें सुनना उचित है। अदालत ने पहले ईडी का पक्ष सुनने का भी फैसला किया जब मामले के शिकायतकर्ता और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ईडी के आरोपपत्र की प्रति मांगी।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने अदालत से अनुरोध किया कि वह सभी प्रतिवादियों को मामले में अपने जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दे। हालांकि, प्रस्तावित आरोपी फर्मों में से एकडॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद दुबे ने इस स्तर पर इस तरह के निर्देश जारी करने का विरोध किया। दलीलों को स्वीकार करते हुए विशेष न्यायाधीश ने कहा कि वह सभी प्रस्तावित आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए बाध्य करने वाला आदेश जारी नहीं कर सकते। सुनवाई के दौरान अन्य प्रस्तावित आरोपियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने व्यापक मामले के दस्तावेजों की समीक्षा करने के लिए समय मांगा। 
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बता दें कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक था, इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजेएल की तरफ से प्रकाशित किया जाता था। साल 2008 में वित्तीय संकट के बाद समाचार पत्र बंद हो गया और यहीं से इस विवाद की शुरुआत हुई। इसके बाद 2010 में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएल) नाम की कंपनी बनीं, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38% हिस्सेदारी है। इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में आरोप लगाया कि वाईआईएल ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया और यह धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है।

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