-छात्रों का वजन कम होने के साथ ब्लड शुगर का स्तर भी गिरा, प्रशासन रोजाना करा रहा स्वास्थ्य जांच
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में साबरमती टी प्वाइंट पर 27 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है। प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए) से जुड़े उमेश, अमन, पार्थ और चांद भूख हड़ताल पर हैं। संगठन के अनुसार छात्रों का वजन कम होने के साथ ब्लड शुगर का स्तर भी गिरा है।
संगठन के मुताबिक उमेश का वजन 2.2 किलोग्राम और शुगर स्तर 52, अमन का वजन 1.9 किलोग्राम और शुगर 65, पार्थ का वजन 3.1 किलोग्राम और शुगर 68, जबकि चांद का वजन 4.3 किलोग्राम कम और शुगर स्तर 62 दर्ज किया गया है। अमन और पार्थ ने कमजोरी व पेट दर्द की शिकायत की है। वहीं, चांद को तेज बुखार है।
पीएसए का आरोप है कि मांगों को लेकर प्रशासन ने छात्रों से अब तक सीधी बातचीत नहीं की है। दूसरी ओर, प्रशासन रोजाना मेडिकल टीम भेजकर छात्रों की स्वास्थ्य जांच करा रहा है। संगठन ने हॉस्टल आवंटन, हॉस्टल-डॉरमेट्री के नवीनीकरण, पुस्तकालय में सीटें बढ़ाने, पारदर्शी पीएचडी दाखिले, जीएस कैश बहाल करने और निलंबित छात्र पदाधिकारियों की बहाली की मांग की है। पानी, वाई-फाई और पढ़ने की जगह जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग भी की गई है। कई हॉस्टल समितियां और छात्र संगठन भी आंदोलन के समर्थन में आए हैं।