पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार से उन्होंने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें वेतन नहीं मिल जाता, हड़ताल जारी रहेगी।
इसी बीच रविवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस मुद्दे को लेकर निगर निगम पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों को दिल्ली नगर निगम द्वारा वेतन दिया जाता है। लेकिन पता नहीं एमसीडी अपने पैसे कहां खर्च कर रही है।
एमसीडी के पास होर्डिंग लगाकर अपना प्रचार करने के लिए पैसे हैं, लेकिन डॉक्टरों को वेतन देने के लिए नहीं। मालूम हो कि हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर दो सप्ताह से अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें जुलाई महीने से वेतन नहीं मिला है।
कोरोना महामारी के इस संकट में परिवार चलाने में अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब उनके पास भूख हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इससे पहले हिंदूराव, कस्तूरबा और राजन बाबू टीबी अस्पताल के डॉक्टरों ने उत्तरी निगम और अस्पताल के उच्च अधिकारियों से अपील की थी कि वे वेतन के मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर डॉक्टरों ने यह कदम उठाया है।
इन तीनों ही अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इस कारण अस्पतालों में चिकित्सीय सेवाएं ठप पड़ी हैं और मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार को फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के सदस्यों ने भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। फोर्डा के अध्यक्ष डॉक्टर शिवाजी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर हिंदूराव के डॉक्टरों के लिए मदद की गुहार लगाई है।