उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अवैध बूचड़खाने को चलाने की प्रदेश सरकार इजाजत नहीं दे सकती। हम किसी को भी ये नहीं कह रहे हैं कि वो क्या खाएं और क्या न खाएं, लेकिन मानक पूरे कर लाइसेंस तो लेना ही होगा। एनजीटी व कोर्ट के मानकों का पालन करना ही होगा।
वह सेक्टर-31 स्थित आईएमए में सोमवार को समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। मंत्री ने जिला अस्पताल का भी दौरा किया और डॉक्टरों से मिलकर चिकित्सा सुविधा के बारे में पूरी जानकारी ली।
उन्होंने नोएडा व गाजियाबाद में आयोजित बैठक में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों पर शिकंजा कसने की भी बात कही। इस मामले में उन्होंने सीएमओ को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री ने सख्ती बरतने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है। स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद से लेकर अन्य टेंडर ऑनलाइन किए जाएंगे।
भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब हमारी कोशिश रहेगी कि समस्त दवाएं जन औषधि केंद्र से ही लें।
करीब 400 प्रकार की दवाएं केंद्र मुफ्त में उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि चाइल्ड पीजीआई में भी बेहतर स्वास्थ्य के लिए विकल्प तलाशेंगे। कुछ ऐसे जरूरी विभाग यहां बनाए जा सकते हैं, जिसका फायदा जिला अस्पताल के मरीजों को भी मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बन सकें और हर वर्ग के लोगों को अच्छा इलाज उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर-नोएडा में बन रहे मेडिकल कॉलेज को एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि हर गरीब का उपचार उचित तरीके से हो।