करीब आठ वर्ष बाद दिल्ली में एक बार फिर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के अलावा स्वाइन फ्लू के गंभीर परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2010 के बाद पहली बार इस साल अब तक दिल्ली में स्वाइन फ्लू से 31 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में साल 2010 के दौरान स्वाइन फ्लू का गंभीर रूप देखने को मिला था। हालांकि इसके बाद भी हर साल कई मामले सामने आए, लेकिन 2019 में स्थिति काफी गंभीर दिखाई दे रही है।
दिल्ली नगर निगम पिछले वर्षों की तुलना में इस बार डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को नियंत्रण में बता रहा है, जबकि स्वाइन फ्लू को लेकर निगम से लेकर सरकार तक ने चुप्पी साध रखी है। बताया जा रहा है कि दिल्ली स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के समक्ष फिर से इन रोगों को लेकर गंभीर चुनौती आ खड़ी हुई है।
विशेषज्ञों की मानें तो अस्पतालों में वायरल के साथ साथ प्लेटलेट कम होने और संक्रमण के मरीज पहुंच रहे हैं। सफदरजंग से लेकर लोकनायक जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में एच1एन1 संक्रमण के संदिग्ध मरीज देखने को मिल रहे हैं। यहां के डॉक्टरों की मानें तो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के अलावा स्वाइन फ्लू के लक्षणों में काफी समानता होने के चलते पहली बार में इसकी पहचान करना मुश्किल होता है। इसीलिए अस्पताल आने के बाद मरीज का सबसे पहले मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है।
सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर की मानें तो उनके मेडिसिन विभाग में हर दिन बुखार, उल्टी, बदन दर्द के अलावा सिर में तेज दर्द होने के लक्षण लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीज वायरल से पीड़ित हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें एच1एन1 संदिग्ध मानते हुए उनके ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर बताते हैं कि अस्पताल में भी रोज स्वाइन फ्लू के संदिग्ध केसों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अब तक यहां करीब 15 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।
क्या कहती है सरकारी रिपोर्ट
हाल ही में आई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में इस साल जनवरी से लेकर 25 अगस्त के बीच स्वाइन फ्लू के 3583 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं, जिनमें से 31 की मौत हो गई। इससे पहले वर्ष 2010 में दिल्ली में सर्वाधिक 77 लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। जबकि इसी अवधि में पूरे देश की बात करें तो 27,401 मरीजों में से 1,128 की मौत हो चुकी है।
स्वाइन फ्लू से दिल्ली में सालाना मौतें
वर्ष मरीज मौत
2010 2725 77
2011 25 02
2012 78 01
2013 1511 16
2014 38 01
2015 4307 12
2016 193 07
2017 2835 16
2018 205 02
2019 3583 31 (25 अगस्त 2019 तक)
सावधानी के साथ कर सकते हैं बचाव : डॉक्टर विजय
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के साथ स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने पर चिकित्सक काफी गंभीर चुनौतियां बता रहे हैं। चिकित्सक लोगों को सावधान रहने की सलाह भी दे रहे हैं। मैक्स कैथ लैब के निदेशक डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि दिल के रोगियों को काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। सतर्कता बरतने से इनसे बचा जा सकता है। बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाओं के अलावा दिल के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।