ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया (टीबी) उन्मूलन के लिए 16 अगस्त से संवेदनशील इलाकों में घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों की जांच की जाएगी। एक महीने तक जिला टीबी विभाग की ओर से एक्टिव केस फाइंडिंग सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम, आशा वर्कर्स और रिवाइज्ड नेशनल टीबी कंट्रोल प्रोग्राम (आरएनटीसीपी) कर्मियों की टीम तैयार की गई है।
जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है तो केस ढूंढ़ने में मदद करने वाली टीम के सदस्य को 500 रुपये की इनाम राशि भी दी जाएगी। टीबी विभाग प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शीला भगत ने बताया कि पिछले वर्ष से ये पहल शुरू की गई है। इस वर्ष घर-घर जाकर टीबी मरीजों की तलाश का पहला चरण 16 अगस्त से शुरू किया जाएगा, जोकि 15 सितंबर तक चलेगा।
ये हैं संवेदनशील इलाके
डबुआ कॉलोनी, पाली, जवाहर कॉलोनी, राहुल कॉलोनी, कोराली, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद, एसी नगर, भूढ़ कॉलोनी जैसे कई शहरी इलाके शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में गांव दयालपुर, छांयसा, अटाली, डीग, फतेहपुर बिल्लौच, सागरपुर और सीकरी सहित रेफरल यूनिट एक और दो के क्षेत्र भी शामिल हैं।
घर पर ही लिया जाएगा सैंपल और मिलेगी रिपोर्ट
टीबी संभावित मरीजों की जांच करने वाली टीम संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित मरीज का बलगम सैंपल लेकर जांच के बाद की रिपोर्ट भी घर बैठे ही सौपेगी। टीबी मरीज की पुष्टि के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से मरीज का इलाज शुरू किया जाएगा। मरीज को पोषाहार के लिए हर माह 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि और कोर्स पूरा करने तक मरीज की स्टेटस रिपोर्ट की जानकारी निकक्षय पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में ही संभावित टीबी मरीजों की जांच की जाएगी। पिछले वर्ष से शुरू हुए इस सर्वे अभियान को जनवरी, जुलाई और दिसंबर में कुछ चुनिंदा जिलों में ही चलाया गया था। फरीदाबाद में दूसरे चरण से इस सर्वे की शुरुआत की गई थी। इस बार प्रदेश के हर जिले में सर्वे को समान रूप से चलाया जाना है।
- डा. शीला भगत, प्रभारी, टीबी विभाग