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गुरुग्राम में सात वर्षीय बच्ची की मौत के बाद फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Sun, 10 Dec 2017 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

अस्पताल के खिलाफ हाईकोर्ट व उपभोक्ता अदालत जाएंगे
- आद्या के पिता को नहीं मिली कमेटी की रिपोर्ट
- कोर्ट जाने के लिए ले रहे हैं कानूनी मशविरा
. The death was caused due to utter medical negligence: Anil Vij, Haryana Health Minister on death due to dengue in Gurugram's Fortis Hospital
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में सात वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। हरियाणा के स्वाथ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि अस्पताल की लापरवाही की वजह से बच्ची की मौत हुई है। अस्पताल के खिलाफ गुरुग्राम के सुशांत लोक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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उधर मृत बेटी आद्या के पिता जयंत सिंह अब हाईकोर्ट और उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। मेडिकल लापरवाही के लिए आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए जयंत तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह कानूनी सलाह-मशविरा कर रहे हैं। अगले सप्ताह कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

द्वारका के रहने वाले जयंत सिंह ने अपनी सात वर्षीय बेटी को डेंगू होने के बाद एक निजी अस्पताल से रेफर कराकर गुरुग्राम सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल लेकर आए थे। 31 अगस्त से 14 सितंबर तक डेंगू के इलाज के लिए जयंत सिंह से 18 लाख रुपये का बिल वसूला गया।
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स्वास्थ्य विभाग ने जांच में कई खामियां पाई

- फोटो : अमर उजाला
जबकि 14-15 सितंबर की दरमियानी रात को उसकी मौत हो गई। इस मामले में जयंत के एक दोस्त ने ट्विटर पर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से गुहार लगाई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।

जयंत का कहना है कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने जांच में कई खामियों के बारे में जिक्र किया है। इसमें मेडिकल एथिक्स का पालन नहीं करते हुए गलत तरीके से पैसे लिए गए हैं। इस मामले में वह अब उपभोक्ता अदालत में जाएंगे और अस्पताल की लापरवाही और प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामले की मांग करने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अस्पताल ने तय मानक का उल्लंघन किया है। अब रिपोर्ट के आधार पर ही वरिष्ठ वकीलों से राय ली जा रही है। अगले सप्ताह तक कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
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आद्या के पिता को नहीं मिली रिपोर्ट की कॉपी

- फोटो : अमर उजाला
आद्या के पिता जयंत का कहना है कि हरियाणा सरकार की कमेटी ने उन्हें रिपोर्ट देने से मना कर दिया है। इस मामले में जब उनसे रिपोर्ट की कॉपी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि यह सरकार को सौंपी जाएगी, इसलिए रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी जा सकती है। जांच टीम ने कहा कि यदि कॉपी चाहिए तो आरटीआई लगानी होगी।

इस मामले में अभी केवल मीडिया से ही जानकारी मिली है। अस्पताल प्रबंधन को भी कमेटी के रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में पूरा सहयोग दिया गया है। - प्रवक्ता, फोर्टिस अस्पताल

आद्या के पिता जयंत सिंह का कहना है कि अस्पताल ने उनका विश्वास तोड़ दिया है। वह बेटी को बचाने के लिए इतने बड़े अस्पताल लेकर गए थे। 15.79 लाख रुपये का बिल होने के बाद पांच लाख रुपये का पर्सनल लोन लेकर अस्पताल को चुकाया था।

पांच लाख रुपये मेडिकल कवर मिला था और बाकी रकम क्रेडिट व डेबिट कार्ड से दिए थे। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने 24 नवंबर को उससे संपर्क साधा था। वे ऑफ द रिकॉर्ड अपनी गलती मान रहे हैं लेकिन यह बात लिखित में देने को तैयार नहीं है।
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